PMGSY-IV: दूर-दराज गांव अब जुड़ेंगे मुख्यधारा से !!
रायगड़ा -ओडिशा के रायगड़ा जिले के बरिजोला गांव में शुक्रवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम ने राज्य के ग्रामीण विकास इतिहास में एक अहम अध्याय जोड़ दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के औपचारिक शुभारंभ के साथ केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बहुआयामी विकास एजेंडे को जमीन पर उतारने का संकेत दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मौजूदगी ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
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ग्रामीण कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट !!
समारोह का मुख्य आकर्षण PMGSY-IV योजना रही, जिसके तहत ओडिशा को 1,698.04 करोड़ रुपये की लागत से 1701.84 किलोमीटर लंबी 827 नई सड़कों की सौगात दी गई। यह पहल विशेष रूप से उन इलाकों को जोड़ने पर केंद्रित है, जो अब तक सड़क संपर्क से वंचित रहे हैं—खासकर पहाड़ी, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्र। मंच से योजना का स्वीकृति-पत्र मुख्यमंत्री को सौंपते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की आधारशिला हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत लेकिन अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।
आवास और रोजगार योजनाओं पर फोकस !!
कार्यक्रम में ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए आवास और रोजगार योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत लंबित घरों को पूरा करने के लिए 630.61 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। लक्ष्य साफ है—कोई भी पात्र परिवार कच्चे मकान में न रहे। मजदूर दिवस के अवसर पर मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किश्त के रूप में 868.71 करोड़ रुपये जारी किए गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सिंचाई और जल संरक्षण को बढ़ावा !!
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। WDC-PMKSY 2.0 के अंतर्गत 30.07 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, जिससे जल संरक्षण, माइक्रो इरिगेशन और भूमि विकास जैसी गतिविधियों को गति मिलेगी। यह कदम किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 
महिलाओं और ग्रामीण आजीविका पर जोर !!
सरकार ने इस कार्यक्रम के जरिए महिला सशक्तिकरण को भी केंद्र में रखा। “लखपति दीदी” अभियान और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर जोर दिया गया। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए पशुपालन, मत्स्यपालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और वृक्षारोपण आधारित आय के स्रोतों को बढ़ावा देने की बात कही गई। स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी विस्तार देने की योजना सामने आई।
किसानों के लिए आधुनिक खेती की दिशा !!
कार्यक्रम में किसानों के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। बेहतर बीज, “सीड विलेज” मॉडल, उन्नत भंडारण सुविधाएं और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत गोदाम निर्माण जैसे उपायों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ तकनीकी नवाचार जरूरी है, जिससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
डबल इंजन सरकार का समन्वय !!
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को विकास की गति का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन” मॉडल के जरिए योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “समृद्ध ओडिशा, विकसित ओडिशा” के लक्ष्य को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। सड़क, पुल, बिजली, पेयजल और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
हितग्राहियों को मिला सीधा लाभ !!
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। बड़ी संख्या में महिलाओं, किसानों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को जनभागीदारी का रूप दिया।
विकास का समग्र मॉडल !!
रायगड़ा में PMGSY-IV का शुभारंभ केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के समग्र मॉडल की शुरुआत है। सड़क, आवास, सिंचाई, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ किए गए प्रयास यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में ओडिशा के दूरस्थ इलाके भी विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल होंगे।
