किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत!
पटना। बिहार में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और किसानों तक आधुनिक खेती की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया गया। राजधानी पटना स्थित 01 अणे मार्ग से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
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राज्य सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में तकनीक और नवाचार के समावेश से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
किसानों तक सीधे पहुंचेगी योजनाओं और तकनीकों की जानकारी
महाभियान का प्रमुख उद्देश्य कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाना है। इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए किसान जागरूकता वाहन गांव-गांव जाकर किसानों को खेती से जुड़ी नई जानकारियां उपलब्ध कराएंगे।
अभियान के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, जल संरक्षण तकनीकों, फसल विविधीकरण, पोषण प्रबंधन और बाजार आधारित खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि कर सकें।
डीबीटी के माध्यम से मिलेगा अनुदान, कृषि उपादानों का होगा वितरण
महाभियान के अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्रों, बीजों और अन्य आवश्यक कृषि उपादानों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
साथ ही विभिन्न जिलों में कृषि उपादानों के वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध हो सकें। इससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जीरो टिलेज तकनीक और धान की सीधी बुआई को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार इस वर्ष जीरो टिलेज तकनीक के माध्यम से धान की सीधी बुआई को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक पारंपरिक रोपाई की तुलना में कम पानी, कम श्रम और कम लागत में बेहतर उत्पादन देने में सक्षम है।
इसके अलावा मक्का, बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों को फसल विविधीकरण का लाभ मिलेगा और उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
किसान मेला, पाठशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे आयोजित
महाभियान के दौरान राज्यभर में किसान मेलों, किसान पाठशालाओं, कृषि प्रशिक्षण शिविरों, प्रक्षेत्र दिवसों और कृषि गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देंगे।
किसानों को खेत स्तर पर प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे वैज्ञानिक सलाह के आधार पर खेती कर सकेंगे और बेहतर परिणाम प्राप्त कर पाएंगे।
ड्रोन तकनीक, मिट्टी जांच और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर
अभियान के दौरान कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय और कम लागत में संभव हो सकेगा।
इसके अलावा मिट्टी जांच अभियान के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि की उर्वरता की सही जानकारी दी जाएगी, जिससे वे संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर सकें। साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि खेती पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बन सके।
कृषि जनकल्याण चौपालों के माध्यम से होगा संवाद
महाभियान के अंतर्गत कृषि जनकल्याण चौपालों का आयोजन भी किया जाएगा। इन चौपालों में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाएगा तथा उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम किसानों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
बिहार सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में राज्य में कृषि को आधुनिक, तकनीक आधारित और लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच, डिजिटल तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों को बढ़ावा देकर राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
समृद्ध किसान, विकसित बिहार का संकल्प
सरकार का मानना है कि जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तभी ग्रामीण विकास और राज्य की समग्र प्रगति संभव होगी। इसी सोच के साथ शुरू किया गया शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 किसानों को आत्मनिर्भर, जागरूक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“समृद्ध किसान – विकसित बिहार” के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह अभियान राज्य के लाखों किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

