प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: खरीफ 2026 के लिए बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक बढ़ी, किसानों को बड़ी राहत
जयपुर, 30 जुलाई। राजस्थान के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2026 फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दी गई है। इस निर्णय से उन हजारों किसानों को अतिरिक्त समय मिलेगा जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय सीमा तक अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सके थे।
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कृषि विभाग के अनुसार योजना के तहत ऋणी, गैर-ऋणी तथा बटाईदार किसान अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की आय को सुरक्षित रखने, कृषि जोखिम को कम करने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, चक्रवात तथा अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य और मौसम की बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा तंत्र के रूप में उभर रहा है।
चार बीमा कंपनियां देंगी सुविधा
वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने योजना के प्रभावी संचालन हेतु चार बीमा कंपनियों का चयन किया है, जो विभिन्न जिलों में किसानों को बीमा सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।
किसान निम्न माध्यमों से 16 अगस्त 2026 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं—
- राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल
- निकटतम बैंक शाखा
- सहकारी समितियां
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थान
गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी जरूरी
कृषि आयुक्त ने बताया कि गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य कर दी गई है। वहीं किसान 14 अगस्त 2026 तक अपनी बीमित फसल के विवरण में आवश्यक संशोधन करा सकते हैं।
इसके अलावा जो किसान योजना में शामिल नहीं रहना चाहते, वे 9 अगस्त 2026 तक संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था में घोषणा-पत्र देकर योजना से बाहर होने का विकल्प चुन सकते हैं।
किसानों के लिए बेहद कम प्रीमियम
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बेहद रियायती दरों पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
- खरीफ खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन फसलें – 2% प्रीमियम
- रबी खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन फसलें – 1.5% प्रीमियम
- वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलें – 5% प्रीमियम
शेष प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से करती हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
समय रहते बीमा कराने की अपील
कृषि आयुक्त ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी फसलों का बीमा कराएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल बीमा योजना नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का एक मजबूत आर्थिक कवच है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यही योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्य बातें एक नजर में
- खरीफ 2026 फसल बीमा की अंतिम तिथि बढ़कर 16 अगस्त 2026
- 9 अगस्त तक योजना से बाहर होने का विकल्प
- 14 अगस्त तक फसल विवरण में संशोधन संभव
- गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य
- खरीफ फसलों पर केवल 2% प्रीमियम
- प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता उपलब्ध
यह फैसला खरीफ सीजन में किसानों की सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
