गन्ना किसान संस्थान में ₹52 किलो चीनी की बिक्री शुरू, आम उपभोक्ताओं को राहत!
लखनऊ, 3 सितम्बर 2026। बढ़ती महंगाई के बीच आम परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने राजधानी लखनऊ में रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। अब उपभोक्ता लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर स्थित बिक्री केंद्र से मात्र ₹52 प्रति किलो की दर से चीनी खरीद सकेंगे।
विभाग के अनुसार यह व्यवस्था आम जनता को आवश्यक खाद्य वस्तु उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने और घरेलू बजट पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विभिन्न पैकिंग में उपलब्ध होगी चीनी
चीनी बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार अलग-अलग पैकिंग में चीनी उपलब्ध कराई जा रही है। एक किलो का पैकेट ₹52, दो किलो का पैकेट ₹102, पांच किलो का पैकेट ₹250 तथा 50 किलो का पैकेट ₹2500 में उपलब्ध रहेगा। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और संस्थानों को भी सुविधा मिलेगी।
कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिक्री
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चीनी की बिक्री प्रत्येक कार्यदिवस में नियमित रूप से की जाएगी। उपभोक्ता सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिक्री केंद्र पर पहुंचकर खरीदारी कर सकते हैं। खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बाजार मूल्य की तुलना में राहत
बाजार में चीनी के दामों में समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं को स्थिर और किफायती दर पर चीनी उपलब्ध कराने में मदद करेगी। खाद्य सामग्री पर बढ़ते खर्च के बीच यह कदम घरेलू बजट संतुलित रखने में सहायक साबित हो सकता है।
जनकल्याण से जुड़ी पहल
गन्ना विकास विभाग का कहना है कि आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता और उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत चीनी को रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों को लाभ मिल सके।
नागरिकों से लाभ उठाने की अपील
विभाग ने राजधानी के नागरिकों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे, ताकि आम लोगों को आवश्यक वस्तुएं सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकें।

























