August 28, 2026 12:33 AM

Krishi Times

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झारखंड: AI आधारित फसल सर्वेक्षण की ट्रेनिंग!

डिजिटल फसल सर्वेक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को प्रशिक्षण, नाला में जागरूकता कार्यक्रम!

जामताड़ा, 27 अगस्त 2026। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA), जामताड़ा द्वारा गुरुवार को नाला प्रखंड सभागार में डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming) तथा संतुलित उर्वरक उपयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और सर्वेक्षकों को आधुनिक कृषि तकनीकों, डिजिटल कृषि पहल तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरूक करना था।

संतुलित उर्वरक उपयोग

सही समय और उचित मात्रा में खाद के इस्तेमाल पर जोर-प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग न केवल फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि मिट्टी की उर्वराशक्ति को भी लंबे समय तक बनाए रखता है। किसानों को विभिन्न फसलों में उर्वरकों के सही समय, मात्रा और उपयोग की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई। साथ ही मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

एकीकृत कृषि प्रणाली

फसल के साथ पशुपालन और बागवानी से बढ़ेगी किसानों की आय- कार्यक्रम में एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को जोड़कर किसान अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं तथा जोखिम को कम कर सकते हैं।

AI से डिजिटल फसल सर्वेक्षण

सर्वेक्षकों को AI आधारित डिजिटल फसल सर्वे की दी गई जानकारी- इस अवसर पर बीटीएम, नाला गंगाधर मंडल ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण से जुड़े सभी सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि सर्वेक्षण कार्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कैसे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से फसल क्षेत्र और उत्पादन संबंधी आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, जिससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

फसल बीमा योजना

डिजिटल सर्वे के जरिए किसानों तक फसल बीमा का लाभ पहुंचाने पर जोर- उन्होंने सर्वेक्षकों को यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए सर्वेक्षण के दौरान किसानों को योजना की जानकारी देना और उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।

अधिकारियों की मौजूदगी

कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों सहित सर्वेक्षक रहे मौजूद- कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी समीर बाध्यकर, सहकारिता पदाधिकारी कुनाल भारती, कृषि मित्र पवन, अजय, जयदेव और दीपक सहित सभी डिजिटल फसल सर्वेक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाने तथा कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कृषि, संतुलित पोषण प्रबंधन और एकीकृत कृषि मॉडल को अपनाकर किसान उत्पादन लागत घटाने के साथ-साथ अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

Source:Directorate of Agriculture