महानंद डेयरी के आधुनिकीकरण को नई रफ्तार, मुंबई में शुरू हुआ सिग्नेचर मिल्क पार्लर और अत्याधुनिक पैकेजिंग सुविधा!
मुंबई। महाराष्ट्र की प्रमुख दुग्ध सहकारी संस्था महानंद डेयरी ने उपभोक्ता सुविधाओं और आधुनिक डेयरी विपणन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। महाराष्ट्र सरकार के दुग्ध विकास एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने मुंबई के गोरेगांव स्थित महानंद डेयरी परिसर में ‘महानंद सिग्नेचर मिल्क पार्लर’ तथा एक लीटर टेट्रा ब्रिक एसेप्टिक यूएचटी दूध पैक के लिए कैप एप्लीकेटर मशीन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के कार्यकारी निदेशक डॉ. वी. श्रीधर, महाराष्ट्र सरकार के दुग्ध विकास आयुक्त प्रशांत मोहोड, महानंद डेयरी के प्रबंध निदेशक अनिल हाटेकर तथा सहकारिता विभाग की संयुक्त निबंधक (डेयरी) डॉ. प्रज्ञा तयाडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उपभोक्ताओं को मिलेगा आधुनिक खरीद अनुभव
नए सिग्नेचर मिल्क पार्लर का विकास एनडीडीबी की ‘रिवाइटलाइजिंग प्रोड्यूसर-ओन्ड इंस्टीट्यूशंस’ योजना के तहत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की ब्रांडिंग, विपणन, खुदरा नेटवर्क और संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (NID) के विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किए गए इस आधुनिक पार्लर में उपभोक्ताओं को बेहतर खरीद अनुभव मिलेगा। महानंद अब मुंबई सहित राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर ऐसे आधुनिक पार्लरों का नेटवर्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांड पहचान और दूध व दुग्ध उत्पादों की नई श्रृंखला पर भी काम शुरू किया है।
यूएचटी दूध पैकिंग में आएगा बड़ा बदलाव
महानंद के एसेप्टिक डेयरी प्लांट में स्थापित नई कैप एप्लीकेटर मशीन एक लीटर यूएचटी दूध पैक पर ढक्कन लगाने की सुविधा प्रदान करेगी। इससे उपभोक्ताओं के लिए दूध पैक को खोलना, उपयोग करना, दोबारा बंद करना और सुरक्षित रूप से संग्रहित करना अधिक आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक न केवल उपभोक्ता सुविधा बढ़ाएगी बल्कि संयंत्र की मौजूदा उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग, उत्पाद विविधीकरण और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में भी मदद करेगी। यूएचटी दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निवेश महानंद के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने में डेयरी की अहम भूमिका
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री अतुल सावे ने कहा कि डेयरी क्षेत्र किसानों की अतिरिक्त आय का एक मजबूत स्रोत बन सकता है। उन्होंने महानंद डेयरी के पुनरुद्धार और तेज़ी से हो रहे विकास की सराहना करते हुए कहा कि एनडीडीबी के प्रबंधन सहयोग के बाद संस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने महानंद को मुंबई और अन्य शहरी क्षेत्रों में अधिक संख्या में आधुनिक मिल्क पार्लर स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि युवा उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड की पहुंच और लोकप्रियता बढ़ाई जा सके। उनका कहना था कि आधुनिक खुदरा ढांचा महानंद के दूध एवं दुग्ध उत्पादों को नई पहचान देगा।
पुनरुद्धार के रास्ते पर महानंद
एनडीडीबी के कार्यकारी निदेशक डॉ. वी. श्रीधर ने बताया कि मई 2024 से एनडीडीबी के प्रबंधन मार्गदर्शन में महानंद डेयरी एक व्यापक परिवर्तन और पुनरुद्धार प्रक्रिया से गुजर रही है। संस्था को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और किसान-केंद्रित सहकारी संगठन के रूप में विकसित करने की दिशा में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य महानंद को महाराष्ट्र की सभी दुग्ध सहकारी संस्थाओं की सामूहिक ताकत को जोड़ने वाले एक मजबूत राज्य स्तरीय सहकारी ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इससे न केवल किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा बल्कि उनके दुग्ध उत्पादों का मूल्य संवर्धन भी सुनिश्चित होगा।
डेयरी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि महानंद डेयरी में हो रहे ये बदलाव महाराष्ट्र के डेयरी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत हैं। आधुनिक रिटेल नेटवर्क, बेहतर पैकेजिंग, मूल्यवर्धित उत्पादों और निर्यात संभावनाओं के विस्तार से दुग्ध उत्पादकों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सुविधाजनक डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे।
Source:NDDB

























