बाराबंकी में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर सघन जांच, किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश!
बाराबंकी। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने बाराबंकी जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक), उत्तर प्रदेश डॉ. हरेन्द्र कुमार मिश्र ने जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण कर खाद की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन के रिकॉर्ड तथा किसानों को निर्धारित दर पर बिक्री की स्थिति की समीक्षा की।
निरीक्षण अभियान के दौरान कुल पांच उर्वरक बिक्री केंद्रों का परीक्षण किया गया, जहां उपलब्ध स्टॉक का अभिलेखों और पीओएस मशीन से मिलान किया गया। सभी केंद्रों पर उपलब्ध उर्वरक का रिकॉर्ड सही पाया गया तथा किसानों ने भी निर्धारित मूल्य पर खाद मिलने की पुष्टि की।
नेशनल फर्टिलाइजर्स के केंद्र पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध
कुरौली स्थित नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के फुटकर उर्वरक बिक्री केंद्र पर निरीक्षण के दौरान 1040 बोरी यूरिया उपलब्ध मिली। स्टॉक का अभिलेखों और पीओएस मशीन से मिलान किया गया, जो पूरी तरह सही पाया गया। मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत कर उन्हें फसल की आवश्यकता और फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करने की सलाह दी गई।
एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडार
रघई-गदिया स्थित एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप के निरीक्षण में 1295 बोरी यूरिया और 444 बोरी डीएपी उपलब्ध पाई गई। बिक्री अभिलेखों के आधार पर कई किसानों से दूरभाष पर संपर्क कर खाद खरीद की जानकारी ली गई। सभी किसानों ने निर्धारित मूल्य पर उर्वरक मिलने की पुष्टि की।
निरीक्षण के दौरान कई किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री न बन पाने की समस्या भी बताई। इस पर संयुक्त कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन के बाद भूमि अभिलेखों के अनुसार किसानों को अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी किसान को खाद के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
सहकारी समिति और निजी विक्रेताओं का भी हुआ सत्यापन
मुबारकपुर-धरसेनिया स्थित बी-पैक्स सहकारी समिति में 318 बोरी यूरिया और 321 बोरी टीएसपी उपलब्ध पाई गई। चयनित किसानों से दूरभाष पर बातचीत कर उर्वरक वितरण की पुष्टि की गई। किसानों ने निर्धारित दर पर खाद मिलने की जानकारी दी।
इसी प्रकार बीएम सेल्स, असेनी में हाल ही में प्राप्त 120 बोरी यूरिया का सत्यापन किया गया। स्टॉक रिकॉर्ड सही पाया गया और विक्रेता द्वारा निर्धारित दर पर बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई।
कुरौली स्थित राधेश्याम पवन कुमार उर्वरक बिक्री केंद्र पर निरीक्षण के दौरान आईपीएल टीएसपी की 159 बोरी तथा सुपर फॉस्फेट की 117 बोरी उपलब्ध पाई गई।
किसानों को बिना टैगिंग के खाद उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डॉ. हरेन्द्र कुमार मिश्र ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को केवल फार्मर रजिस्ट्री और फसल की अनुशंसित आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक वितरित किया जाए। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से नहीं बन पाई है, उनका भौतिक सत्यापन कर भूमि अभिलेखों के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से ही किया जाए तथा किसी प्रकार की अनावश्यक टैगिंग या अन्य उत्पाद खरीदने की शर्त किसानों पर न थोपी जाए।
कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई
संयुक्त कृषि निदेशक ने जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी को निर्देश दिए कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री अथवा टैगिंग की शिकायत प्राप्त होती है और जांच में पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियंत्रण आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता पर विभाग की विशेष नजर
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में धान समेत अन्य फसलों की बुवाई और रोपाई के चलते उर्वरकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया


























