प्रतापगढ़ में मिलेट्स महोत्सव: किसानों को श्रीअन्न की खेती और प्रसंस्करण के लिए किया गया जागरूक!
प्रतापगढ़, 4 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में किसानों को मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की खेती के प्रति प्रोत्साहित करने और इसके पोषण एवं आर्थिक महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से बुधवार को जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव एवं मेले का आयोजन किया गया। कृषि भवन परिसर में कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीक, फसल प्रबंधन और मिलेट्स आधारित उत्पादों की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा और राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के प्रतिनिधि राय साहब सिंह ने संयुक्त रूप से किया। महोत्सव में कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, किसानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्रीअन्न की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी और अन्य मोटे अनाजों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते मौसम और कृषि की बढ़ती लागत के बीच मिलेट्स आधारित खेती किसानों के लिए एक उपयोगी विकल्प बन सकती है। इन फसलों को फसल विविधीकरण, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि व्यवस्था से जोड़कर देखने की आवश्यकता है।
रबी और मिलेट्स फसलों की उन्नत तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने रबी और मिलेट्स फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल की देखभाल, समय पर कृषि कार्य और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया।
इसके साथ ही मिलेट्स के उत्पादन के बाद संरक्षण, सुरक्षित भंडारण और प्रसंस्करण की तकनीकों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसान केवल कच्चे अनाज के उत्पादन तक सीमित न रहकर उसकी सफाई, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन पर भी ध्यान दें, तो बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
कस्टम हायरिंग सेंटर के लाभार्थी को चाबी और प्रमाण-पत्र
महोत्सव के दौरान कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लाभार्थी अखिलेश कुमार सरोज को चाबी और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर खेती की लागत और श्रम संबंधी चुनौतियों को कम कर सकते हैं। छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए ऐसी सुविधाएं कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मिलेट्स उत्पादों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में विभिन्न प्रतिष्ठानों की ओर से मिलेट्स से तैयार खाद्य उत्पादों और व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, कोदो, कुटकी, कंगनी और चेना से बने पौष्टिक खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों और आम लोगों को बताया गया कि मिलेट्स का उपयोग केवल पारंपरिक भोजन तक सीमित नहीं है। इनसे बिस्कुट, आटा, स्नैक्स और अन्य मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण, छोटे उद्यम और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
खेती से बाजार तक मजबूत हो मिलेट्स की मूल्य शृंखला
मिलेट्स महोत्सव ने यह संदेश दिया कि श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रसंस्करण सुविधाओं और बाजार से जोड़ना भी जरूरी है। इससे मिलेट्स की मांग बढ़ने के साथ किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन का लाभ मिल सकता है।
प्रतापगढ़ में आयोजित इस आयोजन के माध्यम से किसानों को श्रीअन्न की खेती अपनाने और उपभोक्ताओं को अपने दैनिक भोजन में मोटे अनाज शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
श्रीअन्न अपनाएं, पोषण बढ़ाएं और खेती को बनाएं अधिक टिकाऊ।





























