उपकार के 37वें स्थापना दिवस पर कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर!
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। तेलीबाग स्थित गन्ना शोध संस्थान में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान, उन्नत बीजों, नई कृषि तकनीकों और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया गया। कृषि मंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से किसानों के हित में किए जा रहे शोध एवं तकनीकी विकास के प्रयासों को रेखांकित किया।
किसानों तक शोध और तकनीक पहुंचाने पर जोर
उपकार प्रदेश में कृषि को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से नई तकनीकों के विकास, उन्नत बीजों के प्रसार और कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। कृषि क्षेत्र में शोध के परिणामों को खेतों तक पहुंचाना किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
कार्यक्रम में इस बात पर बल दिया गया कि कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नई तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए। इससे किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप खेती की पद्धतियां अपनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल सकती है।
कृषि को लाभकारी बनाने में अनुसंधान की भूमिका
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत बीजों, वैज्ञानिक खेती, संसाधनों के कुशल उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल तकनीकों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को अनुसंधान से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अनुसंधान आधारित समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
ये अधिकारी और पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव एम.के. शनमुगा सुंदरम, उपकार के महानिदेशक संजय सिंह और गन्ना शोध संस्थान के निदेशक एस.एन. सुशील सहित अन्य अधिकारी एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपकार के 37वें स्थापना दिवस का यह आयोजन कृषि अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के महत्व को रेखांकित करता है। कृषि संस्थानों, वैज्ञानिकों और किसानों के बीच मजबूत तालमेल से प्रदेश में टिकाऊ खेती, बेहतर उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल सकती है।





























