बिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान, 18 से 25 अक्टूबर तक करें आवेदन!
सितंबर 2026 में आई बाढ़ से प्रभावित 9 जिलों की 289 पंचायतों के किसानों के लिए राहत योजना; असिंचित, सिंचित और बहुवर्षीय फसलों के नुकसान पर मिलेगा अनुदान
पटना। बिहार में सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण आई बाढ़ से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना-2026 के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 9 जिलों के 43 प्रखंडों की 289 प्रभावित पंचायतों में फसल क्षति झेलने वाले किसान निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जारी सूचना के अनुसार, आवेदन की अवधि 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। पात्र किसानों को फसल क्षति की श्रेणी और प्रभावित क्षेत्र के आधार पर अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता किसानों को बाढ़ के कारण हुए आर्थिक नुकसान से उबरने और अगली कृषि गतिविधियों को जारी रखने में मदद करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
किन किसानों को मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान?
कृषि विभाग की सूचना के अनुसार, योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनकी फसलों को नदियों के जलस्तर में वृद्धि से आई बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है और जिनकी पंचायतें विभाग द्वारा अधिसूचित प्रभावित पंचायतों की सूची में शामिल हैं।
प्रभावित पंचायतों के किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, केवल उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। आवेदन करने से पहले किसानों को अपनी पंचायत और प्रखंड का नाम विभाग की आधिकारिक सूची में अवश्य जांच लेना चाहिए।
फसल के प्रकार के अनुसार कितना मिलेगा अनुदान?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षेत्र की श्रेणी के अनुसार सहायता राशि निर्धारित की गई है। विभाग की ओर से जारी सूचना में अनुदान की दरें इस प्रकार बताई गई हैं:
| फसल क्षेत्र की श्रेणी | अनुदान की दर |
|---|---|
| वर्षाश्रित (असिंचित) फसल क्षेत्र | ₹8,500 प्रति हेक्टेयर |
| सिंचित फसल क्षेत्र | ₹17,000 प्रति हेक्टेयर |
| शाश्वत/बहुवर्षीय फसलें, गन्ना सहित | ₹22,500 प्रति हेक्टेयर |
योजना के तहत अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ही अनुदान देय होगा। इसके साथ ही विभागीय सूचना में न्यूनतम सहायता राशि भी निर्धारित की गई है।
- असिंचित क्षेत्र: न्यूनतम ₹1,000।
- सिंचित क्षेत्र: न्यूनतम ₹2,000।
- शाश्वत/बहुवर्षीय फसलें, गन्ना सहित: न्यूनतम ₹2,500।
किसान को मिलने वाली वास्तविक राशि पात्रता, फसल की श्रेणी और स्वीकृत प्रभावित क्षेत्र के आधार पर निर्धारित होगी। इसलिए आवेदन में फसल और भूमि से संबंधित सही विवरण देना जरूरी है।
रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ सभी पात्र पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत किसानों को दिया जाना है। रैयत किसान वे हैं जिनके पास खेती की जमीन का स्वामित्व या वैध भूमि संबंधी दस्तावेज हैं। वहीं, गैर-रैयत किसान सामान्यतः दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले किसान होते हैं।
रैयत किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज: विभाग की सूचना के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 या 2025-26 का अद्यतन अथवा संबंधित वर्ष का LPC (भूमि कब्जा प्रमाणपत्र)/लगान रसीद प्रस्तुत की जा सकती है।
गैर-रैयत किसानों के लिए प्रमाणपत्र: गैर-रैयत किसान परिवार को स्वघोषित प्रमाणपत्र देना होगा, जिसे संबंधित वार्ड सदस्य, मुखिया, सरपंच या कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित किया गया हो। इस प्रमाणपत्र का प्रारूप DBT कृषि पोर्टल पर उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
किसानों को आवेदन से पहले अपने दस्तावेजों की वैधता और उपलब्धता की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि आवेदन के सत्यापन में परेशानी न हो।
केवल किसान परिवार को मिलेगा योजना का लाभ
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत लाभ केवल किसान या किसान परिवार के लिए मान्य है। विभागीय सूचना में किसान परिवार का अर्थ पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे बताया गया है।
आवेदन करते समय किसान को आधार सत्यापन के साथ अपने परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा। यदि परिवार के विवरण में अनियमितता पाई जाती है, तो आवेदन रद्द किया जा सकता है। इसलिए किसानों को आवेदन पत्र में सही और प्रमाणित जानकारी भरनी चाहिए।
बिहार के इन 9 जिलों की पंचायतें हैं शामिल
कृषि विभाग की जारी सूचना के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों को योजना के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें निम्नलिखित 9 जिले शामिल हैं:
दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार, पटना
ध्यान दें कि इन जिलों की सभी पंचायतें स्वतः पात्र नहीं होंगी। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी पंचायतें विभाग की अधिसूचित 289 प्रभावित पंचायतों की सूची में शामिल हैं। किसानों को संबंधित प्रखंड और पंचायत की सूची देखकर ही आवेदन करना चाहिए।
कृषि इनपुट अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पात्र किसान बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभाग की सूचना में आवेदन के लिए निम्नलिखित वेबसाइटों का उल्लेख किया गया है:
- बिहार कृषि विभाग: https://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html
- DBT Agriculture पोर्टल: https://dbtagriculture.bihar.gov.in
आवेदन के लिए किसानों को अपनी 13 अंकों की पंजीकरण संख्या का उपयोग करना होगा। जिन किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण नहीं है, उन्हें पहले पंजीकरण की प्रक्रिया और संबंधित पात्रता की जानकारी लेनी चाहिए।
आवेदन करते समय किसान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- अपनी 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या तैयार रखें।
- यह जांच लें कि उनकी पंचायत योजना की अधिसूचित सूची में शामिल है।
- फसल क्षति, खेती के क्षेत्र और भूमि से संबंधित सही जानकारी भरें।
- रैयत या गैर-रैयत किसान के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र उपलब्ध रखें।
- परिवार का विवरण सही भरें और आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन जमा करने के बाद उपलब्ध पावती या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर
कृषि इनपुट अनुदान योजना-2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 है। प्रभावित किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन का इंतजार किए बिना समय पर आवेदन करें। किसी भी तरह की समस्या होने पर संबंधित प्रखंड कृषि कार्यालय या जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
कृषि विभाग की सूचना में अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क करने का भी उल्लेख किया गया है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
बाढ़ के कारण फसलों को नुकसान होने से किसानों की उत्पादन लागत, मेहनत और संभावित आमदनी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे समय में कृषि इनपुट अनुदान किसानों को आंशिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे प्रभावित किसानों को खेती से जुड़ी आगे की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, किसानों को ध्यान रखना चाहिए कि अनुदान की स्वीकृति निर्धारित पात्रता, दस्तावेजों के सत्यापन और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देश और पंचायतों की सूची जरूर देख लें।
कृषि विभाग की अपील: बाढ़ से प्रभावित पात्र किसान निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करें और सही जानकारी व आवश्यक दस्तावेजों के साथ योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।





























