गहन अवदाब का असर: मध्य भारत से गुजरात तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज चेतावनी जारी
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले 4-5 दिनों तक भारी से अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ के मध्य भागों और उससे सटे उत्तरी ओडिशा पर बने गहन अवदाब (Deep Depression) के प्रभाव से मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार यह गहन अवदाब अगले 24 घंटों में पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर आगे बढ़ेगा, जिससे व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
विदर्भ, मध्य प्रदेश और गुजरात में अत्यधिक बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि—
- विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 29 जुलाई को कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक वर्षा हो सकती है।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
- गुजरात क्षेत्र में 31 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में नदियों और जलाशयों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
उत्तर भारत में भी तेज होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 29 जुलाई से 4 अगस्त के बीच—
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में व्यापक वर्षा होगी।
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
- राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई दौर की भारी बारिश की संभावना है।
- कई क्षेत्रों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मध्य भारत रहेगा सबसे ज्यादा प्रभावित
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले चार दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को बहुत भारी वर्षा।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी वर्षा।
- छत्तीसगढ़ में 29-30 जुलाई तथा 2 से 4 अगस्त तक भारी बारिश।
- विदर्भ में 29 और 30 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा का खतरा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा के कारण सोयाबीन, धान और अन्य खरीफ फसलों वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में भी भारी बारिश
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में अगले सप्ताह की शुरुआत तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
गुजरात, महाराष्ट्र और कोंकण में अलर्ट
पश्चिम भारत में—
- कोंकण-गोवा में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी बारिश।
- मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 31 जुलाई तक तेज वर्षा।
- गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच व्यापक वर्षा।
- 31 जुलाई को गुजरात के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अगले कई दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।
केरल, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 29 जुलाई की शाम तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं।
इन क्षेत्रों में 40 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र की स्थिति खराब बनी रह सकती है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं।
- किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह।
- नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतें।
मौसम विभाग ने नागरिकों, किसानों और प्रशासनिक एजेंसियों को आगामी दिनों में मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

