किसानों के लिए खुशखबरी: बकरी और भेड़ पालन में नई खोज

ISSGPU 2025: बकरी और भेड़ पालन में नई क्रांति! मथुरा, 6 मार्च – केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम में तीन दिवसीय बकरी एवं भेड़ उत्पादन और उपयोग भारतीय सोसाइटी (ISSGPU) की अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महत्वपूर्ण आयोजन केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर, राजस्थान के सहयोग से किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय … Read more

यूपी के गोआश्रय आत्मनिर्भर बनेंगे, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

गोबर से बनेगी खाद , खेती को होगा लाभ लखनऊ, 6 मार्च। उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि राज्य के सभी गोआश्रय केंद्र (गायों के संरक्षण स्थल) खुद के पैरों पर खड़े हों और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दें। इसके लिए सरकार वर्मी कंपोस्ट (केचुआ खाद) बनाने की इकाइयां सभी गोआश्रय केंद्रों में लगाएगी। … Read more

कृषि के भविष्य को नई दिशा देने की पहल

AI आधारित वेब एप्लिकेशन पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ नई दिल्ली, 4 मार्च 2025: कृषि में डिजिटल परिवर्तन को गति देने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-उन्नत संकाय केंद्र के तत्वावधान में “कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित वेब एप्लिकेशन विकास के लिए उपकरण और तकनीकों” … Read more

आम के बाग का सही देखभाल: मंजर से फल बनने तक

🌿 भारत में आम की खेती और उत्पादन भारत में आम को “फलों का राजा” कहा जाता है। इसकी खेती मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और बिहार में होती है। देशभर में लगभग 2217 हजार हेक्टेयर में आम की खेती की जाती है, जिससे 18506 हजार टन उत्पादन प्राप्त होता है। … Read more

बिहार का मखाना: परंपरा से सुपरफूड बनने तक का सफर!

मखाना: बिहार का सफेद सोना, जो बदल रहा है किसानों की तकदीर! भारत का बिहार राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है। इसी संपदा में एक अनमोल उपहार है “मखाना,” जिसे ई-लिली के बीज के रूप में भी जाना जाता है। “बिहार का सफेद सोना” भी कहा जाता है। डॉ.मनोज … Read more

बायोटेक खेती: भारत के किसानों के लिए सुनहरा अवसर!

“आधुनिक खेती का नया युग: जैव प्रौद्योगिकी के कमाल से!” जैव प्रौद्योगिकी का क्रांतिकारी प्रभाव: जैव प्रौद्योगिकी ने कृषि, जलीय कृषि और पशु विज्ञान में बड़ा बदलाव लाया है। यह फसल सुधार, रोग प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के नए तरीके ला रही है। हाल ही में जीनोम एडिटिंग, आणविक प्रजनन और जैव नियंत्रण समाधानों में … Read more

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025 सफलतापूर्वक संपन्न

किसानों को मिली 300 से अधिक नई तकनीकें नई दिल्ली, 24 फरवरी 2025 – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) में आयोजित “पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025” शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस मेले में एक लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया और 300 से अधिक नवीनतम कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। … Read more

“पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025: नई दिल्ली में 22-24 फरवरी को होगा भव्य आयोजन”

 उन्नत कृषि के प्रदर्शन पर जोर नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025” आगामी 22 से 24 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष मेले का मुख्य विषय “उन्नत कृषि – विकसित भारत” है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान … Read more

कृषि के 6 “M” पर जोर: किसान मेले का भव्य उद्घाटन

तीन दिवसीय किसान मेला, जलवायु अनुकूल कृषि पर विशेष जोर समस्तीपुर, बिहार: “जलवायु अनुकूल कृषि से विकसित भारत की ओर” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला-2025 का उद्घाटन बिहार सरकार के माननीय सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री एवं कल्याणपुर (समस्तीपुर) के विधायक श्री महेश्वर हज़ारी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस भव्य समारोह में विशिष्ट … Read more

जाड़े के बाद केले और पपीते की उन्नत खेती: सम्पूर्ण गाइड

केले और पपीते की उन्नत खेती: उर्वरक, जल और रोग प्रबंधन फरवरी के मध्य तक तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो केला और पपीता जैसी उष्णकटिबंधीय फसलों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। सर्दियों के दौरान, जब तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो इन फसलों की वृद्धि बाधित होती है, जिससे … Read more