क्या आपकी मिट्टी कमजोर हो रही है? महंगे खाद पर खर्च बंद करें!

मिट्टी की सेहत सुधारने का प्राकृतिक उपाय: हरी खाद से बढ़ेगी पैदावार और घटेगी लागत! -देश में आधुनिक खेती के बढ़ते चलन के बीच किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मिट्टी की घटती उर्वरता और खेती की बढ़ती लागत बनती जा रही है। लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से जहां मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो … Read more

भारत अब उर्वरकों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

उर्वरकों में आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम: नीति, तकनीक और मृदा स्वास्थ्य पर जोर! नई दिल्ली: राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एनएएएस) ने देश को उर्वरकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उच्चस्तरीय विचार-मंथन सत्र आयोजित किया। इस सत्र में केंद्र सरकार … Read more

25 रुपये में पराली का समाधान: बायो-डीकंपोजर से प्रदूषण पर नियंत्रण!

पूसा किसान मेले में इफको बायो-डीकंपोजर बना आकर्षण: पराली प्रबंधन का सस्ता और टिकाऊ समाधान नई दिल्ली। देश में पराली जलाने से बढ़ते वायु प्रदूषण और मिट्टी की गिरती सेहत के बीच पूसा किसान मेले में किसानों को एक प्रभावी और किफायती समाधान प्रस्तुत किया गया। Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited (इफको) द्वारा विकसित बायो-डीकंपोजर … Read more

पराली जलाना मिट्टी की सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन!

पराली जलाने से मिट्टी हो जाती है निर्जीव : मिट्टी की सजीवता पहचानने के वैज्ञानिक संकेत बताए डॉ. एस. के. सिंह समस्तीपुर – डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पोस्ट ग्रेजुएट विभागाध्यक्ष (प्लांट पैथोलॉजी एवं नेमेटोलॉजी) एवं सह-निदेशक (अनुसंधान) प्रोफेसर (डॉ.) एस. के. सिंह ने कहा है कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण … Read more

केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा में कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत

किसानों को मिली वैज्ञानिक खेती की सीख, 18 गाँवों में चला संवाद अभियान मथुरा: केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा द्वारा विकसित “कृषि संकल्प अभियान” का विधिवत शुभारंभ आज संस्थान परिसर से किया गया। यह अभियान ग्रामीण किसानों को आधुनिक, प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे 29 मई से … Read more