से देशभर में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को मिल रही नई दिशा!
वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन और संतुलित उर्वरक उपयोग पर ICAR का व्यापक जनजागरूकता अभियान
नई दिल्ली। Indian Council of Agricultural Research (ICAR) द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” देशभर में वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, जैविक संसाधनों के समावेशन तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है, ताकि मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो, खेती की लागत घटे और टिकाऊ कृषि प्रणाली को मजबूती मिले।
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5.97 लाख किसानों तक पहुंचा अभियान
अभियान के तहत अब तक देशभर में 5.97 लाख से अधिक किसानों तक सीधी पहुँच बनाई जा चुकी है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए 10,534 जागरूकता शिविर, संगोष्ठियाँ, फील्ड डे और एक्सपोजर विजिट आयोजित किए गए, जिनमें 4.56 लाख किसानों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों को मिली नई तकनीकी जानकारी
कृषि विशेषज्ञों द्वारा 2,800 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 94,184 प्रतिभागियों को संतुलित, एकीकृत एवं वैकल्पिक उर्वरक उपयोग की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ जैविक विकल्पों को अपनाने पर भी जोर दिया गया।
खेत स्तर पर किए गए हजारों डेमोंस्ट्रेशन
अभियान के अंतर्गत 7,399 डेमोंस्ट्रेशन आयोजित कर किसानों को हरी खाद, जैव उर्वरक एवं अन्य जैविक स्रोतों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया। इससे किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के उपायों की जानकारी मिली।
पंचायत प्रतिनिधियों और डीलरों की भी सहभागिता
गांव स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 4,580 पंच, सरपंच एवं जिला परिषद सदस्यों की भागीदारी के साथ विशेष सरपंच सम्मेलन आयोजित किए गए। वहीं उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 9,500 इनपुट डीलरों से संवाद स्थापित किया गया।
FPOs और SHGs को भी जोड़ा गया अभियान से
अभियान के तहत 8,141 FPOs, SHGs एवं FIGs सदस्यों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं जैविक संसाधनों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा देशभर में 49,861 प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर एवं होर्डिंग्स के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया से करोड़ों लोगों तक पहुंचा संदेश
जनसंचार माध्यमों के जरिए अभियान को व्यापक गति मिली। इसके तहत 900 रेडियो एवं सामुदायिक रेडियो वार्ताएँ तथा 176 टीवी एवं डिजिटल कार्यक्रम प्रसारित किए गए। वहीं WhatsApp, Facebook, X और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अब तक 2.215 करोड़ लोगों तक अभियान का संदेश पहुँचाया जा चुका है।
टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों के अनुसार “खेत बचाओ अभियान” केवल उर्वरकों के संतुलित उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मिट्टी की सेहत, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान के रूप में सामने आया है। इससे किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
Source:ICAR

