September 14, 2026 10:54 PM

Krishi Times

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स्कूलों में बनेगी ‘पोषण वाटिका’, सरकार देगी 7 लाख रुपये तक!

‘पोषण वाटिका’ औषधीय पौधों के जरिए बच्चों को मिलेगा पोषण और प्रकृति से जुड़ाव!

नई दिल्ली -भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) ने देशभर के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में “पोषण वाटिका” स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह पहल हर्बल गार्डन कंपोनेंट योजना के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में पोषण जागरूकता बढ़ाना और औषधीय एवं फल-सब्जी पौधों की खेती को प्रोत्साहित करना है।

यह अभियान विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों को प्रकृति, पोषण और पारंपरिक औषधीय पौधों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना का संचालन राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड द्वारा आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा।

बच्चों में पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर फोकस

योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसरों में ऐसी पोषण वाटिकाएं विकसित करना है, जहां फल, सब्जियां और औषधीय पौधे उगाए जा सकें। इससे बच्चों को प्राकृतिक पोषण के महत्व की जानकारी मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।

पोषण वाटिका में सहजन (मोरिंगा), तुलसी, आंवला जैसे पौधों को शामिल करने पर जोर दिया गया है, जो पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

योजना के तहत कम से कम 30 प्रकार के पौधों को लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 100 वर्गमीटर से लेकर 2 एकड़ तक क्षेत्र निर्धारित किया जा सकता है।

परियोजना के अंतर्गत निम्न गतिविधियां शामिल होंगी—

  • पौधारोपण, सिंचाई व्यवस्था, प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम, सूचना पट्ट (साइनेज), रखरखाव एवं संरक्षण कार्य

तीन वर्षों तक मिलेगा 7 लाख रुपये का अनुदान

इस योजना के तहत चयनित संस्थाओं को 100 प्रतिशत सहायता के रूप में कुल 7 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

  • प्रथम वर्ष : ₹4.50 लाख (स्थापना कार्य हेतु)
  • द्वितीय वर्ष : ₹1.25 लाख (रखरखाव हेतु)
  • तृतीय वर्ष : ₹1.25 लाख (रखरखाव हेतु)

सरकार का मानना है कि इससे स्कूल स्तर पर हर्बल गार्डन संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और बच्चों में जैव विविधता के प्रति रुचि विकसित होगी।

कौन कर सकता है आवेदन

इस योजना के लिए सरकारी संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और स्वैच्छिक संगठन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाली संस्था के पास संबंधित क्षेत्र में कार्य का अनुभव होना आवश्यक बताया गया है।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

इच्छुक संस्थाएं आयुष मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश NMPB की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि 1 जून 2026 निर्धारित की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, जैविक खेती और पारंपरिक भारतीय औषधीय ज्ञान को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।

छवि प्रतीकात्मक