CM भजनलाल शर्मा ने ग्लोबल कंपनियों से की बातचीत
जयपुर/नई दिल्ली, 23 अप्रैल। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित “ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट” ने राजस्थान के कृषि क्षेत्र को वैश्विक निवेश और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर विभिन्न देशों के ट्रेड प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और एग्री-स्टार्टअप्स के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक कर राज्य में निवेश संभावनाओं पर गहन मंथन किया।
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बैठक के दौरान कनाडा, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील, वियतनाम और अर्जेंटीना के दूतावासों से आए कृषि एवं वाणिज्यिक प्रतिनिधियों ने राजस्थान के कृषि क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर अपनी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात से जोड़कर किसानों की आय में ठोस वृद्धि सुनिश्चित करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, स्मार्ट फार्मिंग, ड्रोन, एग्री-मैकेनाइजेशन और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के विस्तार से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल उनकी लागत कम होगी, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस इन्वेस्टर मीट से प्रदेश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी।
GRAM 2026: कृषि नवाचार का ग्लोबल मंच
नई दिल्ली में आयोजित कर्टेन रेजर कार्यक्रम के जरिए “ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026” की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह भव्य आयोजन 23 से 25 मई 2026 तक जयपुर में आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश की 300 से अधिक कंपनियों, एग्री-स्टार्टअप्स, वैज्ञानिकों और हजारों किसानों के भाग लेने की संभावना है।
इस आयोजन को एक ऐसे समग्र प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नीति-निर्माता, उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थान और किसान एक साथ आकर कृषि के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। कार्यक्रम में एग्ज़िबिशन, जाजम चौपाल, लाइव कैटल शो, फार्म मशीनरी डिस्प्ले, स्टार्टअप पवेलियन और तकनीकी सत्रों के माध्यम से कृषि के नवीनतम नवाचारों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।
“भारत बनेगा कृषि महाशक्ति”
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान कृषि क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से भारत निकट भविष्य में “कृषि महाशक्ति” के रूप में उभरेगा।
उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, उन्नत बीजों का उपयोग, स्मार्ट कृषि उपकरण और वैल्यू एडिशन जैसी तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के अनुभव और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ना बेहद आवश्यक है।
नवाचार, वैल्यू चेन और जल प्रबंधन पर जोर
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि GRAM 2026 का उद्देश्य “इनोवेट, कल्टिवेट, एलिवेट” के विजन को जमीन पर उतारना है।
उन्होंने कहा कि नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के अनुभवों और उनके प्रयोगों में भी छिपा है। राजस्थान की कृषि विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मसाला उत्पादन, विशेषकर जीरा उत्पादन में अग्रणी है।
डॉ. जाट ने इस बात पर जोर दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत वैल्यू चेन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के जरिए किसानों को अधिक लाभ दिलाना जरूरी है। उन्होंने जल संसाधनों के कुशल उपयोग और “हर बूंद की बचत” को भविष्य की कृषि के लिए अनिवार्य बताया।
अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग पर फोकस
इन्वेस्टर मीट के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं तकनीकी सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। इसमें रूस की ड्रोन तकनीक, कनाडा की एग्री प्रोसेसिंग और पराली प्रबंधन, ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन मॉडल और मक्का से मेथेनॉल उत्पादन जैसे विषय प्रमुख रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन देशों के साथ समन्वय बढ़ाकर उन्नत तकनीकों को राजस्थान में लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नई तकनीकों का लाभ मिलेगा और उत्पादन क्षमता के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी।
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि GRAM 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक परिवर्तन का आधार बनेगा। इससे एग्री-स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सारांश
ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट और आगामी एग्रीटेक सम्मेलन राजस्थान को कृषि निवेश, नवाचार और वैश्विक सहयोग का केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल के रूप में उभर रहा है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि राज्य को कृषि विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
