IARI बनेगा कृषि नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र!

विश्व पर्यावरण दिवस पर IARI को मिली तीन अत्याधुनिक सुविधाओं की सौगात,कृषि शिक्षा से लेकर जलवायु अनुकूल खेती को मिलेगा नया आयाम !

नई दिल्ली, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और किसानों की क्षमता वृद्धि को नई दिशा देने वाली तीन अत्याधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं में नेक्स्ट जेनरेशन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन लर्निंग सेंटर (NAEL Centre), फूड प्रोसेसिंग प्रयोगशाला तथा क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रीन एग्रीकल्चर (CARIGAR) लैब शामिल हैं। इनका उद्घाटन कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक ने किया। कार्यक्रम में ICAR के उप महानिदेशक , IARI के निदेशक , वैज्ञानिक, छात्र, उद्योग प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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डिजिटल कृषि शिक्षा को बढ़ावा देगा NAEL सेंटर !!

कृषि शिक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत स्थापित NAEL सेंटर कृषि शिक्षा और विस्तार सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस केंद्र में 25 द्विभाषी ई-लर्निंग मॉड्यूल और 9 वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित मॉड्यूल विकसित किए गए हैं। इन मॉड्यूलों में जलवायु-स्मार्ट कृषि, समेकित कीट प्रबंधन, फसलोपरांत प्रबंधन, कृषि उद्यमिता, डेटा विश्लेषण और संचार कौशल जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल किसानों, कृषि छात्रों और विस्तार कर्मियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी। इस अवसर पर IARI परिसर का 360 डिग्री वर्चुअल टूर भी लॉन्च किया गया, जिससे देशभर के विद्यार्थी और किसान संस्थान की अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे।

फूड प्रोसेसिंग लैब से बढ़ेगी मूल्य संवर्धन और उद्यमिता !!

ICICI फाउंडेशन के 1.13 करोड़ रुपये के सहयोग से स्थापित आधुनिक फूड प्रोसेसिंग प्रयोगशाला किसानों, ग्रामीण युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण एवं उत्पाद विकास का प्रमुख केंद्र बनेगी। यहां खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और नवाचार आधारित उत्पादों के विकास पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे फसलोपरांत होने वाली हानियों में कमी आएगी तथा किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी CARIGAR लैब !!

ICICI फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ की CSR सहायता से स्थापित क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रीन एग्रीकल्चर (CARIGAR) लैब का उद्देश्य जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ कृषि तकनीकों पर अनुसंधान को मजबूत करना है। यह प्रयोगशाला जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कार्बन प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल खेती के नए मॉडल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के दौर में ऐसी पहलें किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा दोनों को सुदृढ़ करेंगी।

‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में निभाएंगी अहम भूमिका !!

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मंगी लाल जाट ने कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों, आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं और जलवायु-अनुकूल नवाचारों का विस्तार समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये तीनों सुविधाएं कृषि शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और टिकाऊ कृषि विकास को मजबूती प्रदान करेंगी तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भी हुई सहभागिता !!

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ. एम.एल. जाट, डॉ. डी.के. यादव और डॉ. च. श्रीनिवास राव ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। इस पहल के माध्यम से ICAR ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनेंगी नई सुविधाएं !!

विशेषज्ञों का मानना है कि IARI में स्थापित ये तीनों अत्याधुनिक सुविधाएं भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होंगी। इनके माध्यम से कृषि अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, जलवायु अनुकूलन और तकनीक आधारित कृषि परिवर्तन को नई गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ किसानों, छात्रों और कृषि क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को प्राप्त होगा।