सुमेरपुर विकास रिपोर्ट 2026: जोराराम कुमावत ने पेश किया दो साल का रिपोर्ट कार्ड!
सड़क, पानी, पशुपालन और धार्मिक पर्यटन को बनाया प्राथमिकता!
जयपुर/पाली, 23 मई। पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने पिछले दो वर्षों में हुए विकास कार्यों का सार्वजनिक लेखा-जोखा पेश किया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों और योजनाओं पर आधारित विशेष “दो साल बेमिसाल विकास पुस्तिका” का विमोचन भी किया गया।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे। मंच से विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कुमावत ने कहा कि बीते दो वर्षों में सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेज गति से विकास हुआ है।
“वादों को धरातल पर उतारने का प्रयास”
जनसभा को संबोधित करते हुए कुमावत ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए गए थे, उन्हें योजनाओं और बजट के जरिए जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका केवल सरकारी आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की भागीदारी और विश्वास का प्रतीक है।
विमोचित पुस्तिका में ग्रामीण सड़कों के निर्माण, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं, गोशालाओं को दिए गए अनुदान, मंदिरों के जीर्णोद्धार और दुग्ध उत्पादकों के लिए शुरू की गई योजनाओं का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है।
पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों पर फोकस
कुमावत ने कहा कि लम्पी बीमारी के बाद राज्य सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए। दुग्ध उत्पादकों को समय पर बोनस भुगतान और गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष बजट जारी किया गया।
उन्होंने बताया कि सुमेरपुर क्षेत्र में आधुनिक नस्ल सुधार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में नए पशु चिकित्सालय खोलने की दिशा में भी काम हुआ है। सरकार का उद्देश्य पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाना है।
धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर
देवस्थान विभाग की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कुमावत ने कहा कि क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदिर परिसरों में आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि “वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना” के तहत बड़ी संख्या में बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का लाभ दिलाया गया है, जिससे धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव को मजबूती मिली है।
पानी और सिंचाई बनी बड़ी प्राथमिकता
सुमेरपुर क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कुमावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई गई है। ग्रामीण इलाकों में नई पाइपलाइन परियोजनाओं और पेयजल योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों तक टेल एंड तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। साथ ही गांवों को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण से परिवहन और बाजार तक पहुंच आसान हुई है।
जनता से सीधे संवाद का प्रयास
कार्यक्रम के समापन के बाद कुमावत ने मौके पर मौजूद लोगों की समस्याएं और शिकायतें भी सुनीं। अधिकारियों को कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस दौरान हिंदू नववर्ष पर प्रकाशित कैलेंडर का वितरण भी किया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विकास पुस्तिका के जरिए सरकार और जनप्रतिनिधि आगामी समय में विकास कार्यों को जनता के सामने दस्तावेजी रूप में रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सुमेरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
