लखनऊ में खरीफ गोष्ठी, किसानों को आधुनिक खेती का संदेश!

लखनऊ में राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी 2026, किसानों को आधुनिक खेती और 50% अनुदान पर बीज की जानकारी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और खरीफ सीजन की तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी, लखनऊ मंडल-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों, एफपीओ उद्यमियों, कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री Baldev Singh Aulakh ने कृषि प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया और विभिन्न विभागों एवं संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद भी किया और आधुनिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।

प्रदर्शनी में दिखाई दी आधुनिक कृषि की नई तस्वीर

कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि प्रदर्शनी किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। यहां कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, बीज संस्थानों और निजी कंपनियों द्वारा आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को ड्रोन तकनीक, सोलर आधारित सिंचाई प्रणाली, स्मार्ट फार्मिंग, जैविक खेती, मृदा परीक्षण, उन्नत कृषि यंत्रों और गुणवत्तापूर्ण बीजों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रदर्शनी में कई ऐसे कृषि उपकरण भी प्रदर्शित किए गए जो कम लागत में अधिक उत्पादन देने में सहायक माने जा रहे हैं। किसानों ने इन तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती में आने वाली चुनौतियों के समाधान भी जाने।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक जरूरी : बलदेव सिंह औलख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि राज्यमंत्री Baldev Singh Aulakh ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, सिंचाई सुविधाएं और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की प्राथमिकता है कि छोटे और सीमांत किसानों तक भी तकनीक और योजनाओं का लाभ पहुंचे।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धति से खेती करें, कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं और नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं।

“अन्नदाता की समृद्धि से ही प्रदेश और देश मजबूत होगा”

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पशुपालन Mukesh Meshram ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की आर्थिक मजबूती का आधार है। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन दोनों क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार दोनों क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी प्रगतिशील किसानों, एफपीओ उद्यमियों, कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ सीजन में उत्पादन बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की।

कृषि विस्तार सेवाओं को गांव तक पहुंचाने पर जोर

अपर कृषि निदेशक (प्रसार) Dr. Kaneez Fatima ने कहा कि कृषि विभाग गांव-गांव तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन में उत्पादन बेहतर हो सके।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान गोष्ठियां और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं जिससे किसान नई तकनीकों के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होंगे खरीफ फसलों के बीज

कार्यक्रम के दौरान किसानों को खरीफ फसलों के उन्नत बीजों पर 50 प्रतिशत अनुदान की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसान विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग कर राजकीय बीज भंडारों से बीज प्राप्त कर सकते हैं।

बीज बुकिंग और योजनाओं की जानकारी के लिए किसान यह पोर्टल देख सकते हैं — उत्तर प्रदेश कृषि विभाग पोर्टल

अधिकारियों ने किसानों से समय रहते बीजों की बुकिंग कराने की अपील की ताकि खरीफ बुवाई के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।

एफपीओ और कृषि उद्यमिता पर भी रहा विशेष फोकस

गोष्ठी में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत बनाने, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और बाजार से सीधे जुड़ सकते हैं।

कार्यक्रम में कई एफपीओ उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सामूहिक खेती एवं संगठित विपणन से किसानों की आय में सकारात्मक बदलाव आया है।

बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और अधिकारी

कार्यक्रम में Shyam Bihari, Vikas Gupta, Deepak Kumar, Ravindra, Indra Vikram Singh और Dr. Pankaj Tripathi सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

खरीफ सीजन को लेकर किसानों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के समापन के दौरान किसानों में खरीफ सीजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। किसानों ने कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियां उन्हें नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने में बेहद उपयोगी साबित होती हैं। कई किसानों ने कृषि प्रदर्शनी में प्रदर्शित आधुनिक यंत्रों और तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने की इच्छा भी जताई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक का उपयोग करेंगे तो आने वाले समय में प्रदेश की कृषि उत्पादन क्षमता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।