September 16, 2026 5:24 AM

Krishi Times

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विश्व बैंक और भारत सरकार ने मिलकर बनाई मत्स्य विकास रणनीति!

PM-MKSSY के तहत सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा, विश्व बैंक ने आयोजित की क्षमता निर्माण कार्यशाला

नई दिल्ली। देश में सतत और जिम्मेदार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत पर्यावरण एवं सामाजिक (Environment & Social – E&S) दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का आयोजन विश्व बैंक (World Bank) की टीम द्वारा किया गया।

कार्यशाला में मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार के अधिकारियों के साथ-साथ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU), परफॉर्मेंस ग्रांट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (PGMC) तथा वेरिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कंसल्टेंट्स (V&MC) की टीमों ने भाग लिया। इसके अलावा फ्रांस की विकास एजेंसी एजेंस फ़्रांसेज़ दे डेवलपमेंट (AFD) के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को मजबूत बनाना था। विशेषज्ञों ने इस दौरान मत्स्य क्षेत्र में सतत विकास, जल संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा तथा मछुआरा समुदायों के सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के संचालन पर चर्चा की।

मत्स्य क्षेत्र में टिकाऊ विकास को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि PM-MKSSY जैसी योजनाओं में पर्यावरण और सामाजिक मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, ताकि मत्स्य संसाधनों का दीर्घकालिक संरक्षण हो सके और मछुआरों की आजीविका भी सुरक्षित रहे। कार्यशाला में परियोजना से जुड़े अधिकारियों को विभिन्न E&S दिशानिर्देशों, निगरानी तंत्र और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

सहयोगात्मक मॉडल से बेहतर परिणाम की उम्मीद

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोगात्मक कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने माना कि विश्व बैंक, भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।