गन्ना विभाग ने ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान में लिया हिस्सा

लखनऊ में गन्ना किसान संस्थान के प्रांगण में ‘प्रकृति परीक्षण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। “गन्ना विभाग ने ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान के तहत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया”

यह कार्यक्रम संविधान दिवस के अवसर पर घोषित किया गया था। कार्यक्रम 26 नवम्बर से 25 दिसम्बर, 2024 तक सम्पादित होगा। इसमें 18 वर्ष के ऊपर के नागरिकों को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। आयुष मंत्रालय द्वारा इसके लिए ‘प्रकृति परीक्षण‘ ऐप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा अधिकारियों एवं कार्मिकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेकर प्रश्नावली तैयार करते हुए एक लाइव वीडियो बनाकर ऐप पर सबमिट किया गया, जिसे वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम द्वारा स्कैन कर समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों के सेहत की प्रकृति को बताया। जिसमें मौसम के अनुसार कफ, पित्त, वात के असंक्रमित होने का कारण अनुचित आहार, दिनचर्या, खराब जीवन शैली और तनाव से बचाव के तरीके भी शामिल हैं।

इस अवसर पर अपर गन्ना आयुक्त, शोध एवं समन्व्य/क्रय/समिति एवं अन्य विभागीय अधिकारी तथा कार्यालय आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उ.प्र. के कर्मचारियों के साथ-साथ गन्ना किसान संस्थान, गन्ना संघ, चीनी मिल संघ एवं चीनी निगम कार्यालयों के लगभग 200 अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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