पीएम मोदी ने की मत्स्य पालन की समीक्षा

🐟 प्रधानमंत्री मोदी की मत्स्य पालन पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर

नई दिल्ली— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने आवास पर मत्स्य पालन क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और क्षेत्रीय जल से बाहर के समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों के सतत उपयोग, आधुनिक तकनीकों के समावेश और मछुआरों की आजीविका सुदृढ़ करने को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

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बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि:

  • मछुआरों की सुरक्षा और मछली संसाधनों के कुशल दोहन के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए।

  • स्मार्ट बंदरगाह, ड्रोन आधारित परिवहन, और मूल्यवर्धित आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देकर मत्स्य क्षेत्र को आधुनिकीकरण की दिशा में ले जाया जाए।

  • कृषि क्षेत्र में एग्रो-टेक की तरह मत्स्य क्षेत्र में ‘फिश-टेक’ अपनाने पर बल दिया जाए ताकि उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में दक्षता आए।

प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के परामर्श से ड्रोन तकनीक द्वारा ताजा मछली को शहरों और कस्बों के बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक तकनीकी प्रोटोकॉल तैयार किया जाए।

🎯 अमृत सरोवर और समुद्री शैवाल बने आय सृजन के नए साधन

प्रधानमंत्री ने देशभर के अमृत सरोवरों में सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सके।

प्रतीकात्मक फोटो

उन्होंने समुद्री शैवाल के उपयोग को लेकर विशेष रणनीति तैयार करने की बात कही, जिससे:

  • ईंधन उत्पादन

  • पोषण संबंधी पूरक आहार

  • फार्मास्यूटिकल्स

  • और अन्य औद्योगिक उपयोगों में इसका लाभ उठाया जा सके।

📈 भूमि से घिरे राज्यों के लिए विशेष आपूर्ति रणनीति की आवश्यकता

मछली की मांग वाले लेकिन समुद्र से दूर राज्यों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय रणनीति तैयार करने को कहा। साथ ही, नकारात्मक सूची तैयार कर उन बाधाओं को चिन्हित करने का सुझाव दिया जो मछुआरों के व्यापार और जीवनयापन में अड़चन बनती हैं।

💰 ₹38,572 करोड़ का निवेश और 195 लाख टन वार्षिक उत्पादन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2015 से अब तक केंद्र सरकार द्वारा मत्स्य क्षेत्र में:

  • नीली क्रांति योजना,

  • एफआईडीएफ,

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY),

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

जैसी पहलों के माध्यम से ₹38,572 करोड़ का निवेश किया गया है। 2024-25 में भारत ने 195 लाख टन मछली उत्पादन और 9% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की।

👥 बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी

इस बैठक में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा, सलाहकार अमित खरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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