आधुनिक एक्वाकल्चर से बढ़ेगी किसानों की आय, विश्व बैंक टीम ने सराहा मॉडल!

पीएम-एमकेएसएसवाई की समीक्षा: विश्व बैंक और एएफडी टीम ने तेलंगाना में मत्स्य परियोजनाओं का किया निरीक्षण

हैदराबाद- प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के चौथे इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट मिशन के तहत विश्व बैंक (World Bank) और एजेंस फ्रांसेज़ डे डेवलपमेंट (AFD) के प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग तथा परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के अधिकारियों के साथ तेलंगाना की विभिन्न मत्स्य परियोजनाओं का दौरा किया। इस दौरान टीम ने राज्य में संचालित योजनाओं की प्रगति, प्रभाव और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन का आकलन किया।

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मत्स्य निदेशालय और आधुनिक ट्राउट फार्मिंग इकाई का निरीक्षण

प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना सरकार के मत्स्य निदेशालय का दौरा किया और राज्य के वरिष्ठ मत्स्य अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। टीम ने ‘स्मार्ट ग्रीन एक्वाकल्चर ट्राउट फार्मिंग सुविधा’ का भी निरीक्षण किया, जिसे पीएम-एमकेएसएसवाई के अंतर्गत प्रदर्शन अनुदान (Performance Grant) का लाभ प्राप्त हुआ है।

निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, जल संसाधनों के कुशल उपयोग, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा पर्यावरण-अनुकूल एक्वाकल्चर मॉडल का अवलोकन किया। मिशन का उद्देश्य यह समझना था कि केंद्र सरकार की योजनाएं मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने में किस प्रकार योगदान दे रही हैं।

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

दौरे के दूसरे चरण में विश्व बैंक, एएफडी और भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त टीम ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का भी भ्रमण किया। यहां अधिकारियों के साथ बैठक कर पीएम-एमकेएसएसवाई के अंतर्गत संचालित प्रमुख कार्यक्रमों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में मत्स्य अवसंरचना विकास, डिजिटल प्रबंधन प्रणालियों, मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और क्षमता निर्माण से जुड़ी पहलों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने मिशन टीम को विभिन्न राज्यों में चल रही गतिविधियों और उनके परिणामों की जानकारी दी।

मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर

समीक्षा के दौरान यह रेखांकित किया गया कि पीएम-एमकेएसएसवाई का उद्देश्य देश के मत्स्य क्षेत्र को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और तकनीक-संचालित बनाना है। योजना के माध्यम से मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, वित्तीय सहायता, बाजार सुविधाओं और बेहतर अवसंरचना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व बैंक और एएफडी जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से परियोजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया मजबूत होगी, जिससे मत्स्य क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

मत्स्य पालन क्षेत्र कृषि के बाद ग्रामीण आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभर रहा है। पीएम-एमकेएसएसवाई के तहत संचालित परियोजनाएं न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी सृजित कर रही हैं। हैदराबाद में हुए इस मूल्यांकन दौरे से प्राप्त सुझाव भविष्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।