धरती मां को बचाने के लिए राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत, 1 जून से रायसेन से चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’
नई दिल्ली। खेती की पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ 1 जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से होगा। अभियान के तहत पूरे जून माह में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों को टिकाऊ खेती और खेत संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अभियान के शुभारंभ से पूर्व देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों और राज्यों के कृषि अधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती मां, खेती और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का राष्ट्रीय संकल्प है।
मिट्टी की सेहत और जलवायु संकट पर रहेगा विशेष फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बढ़ते तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग, मिट्टी की उर्वरता में गिरावट तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर संकट पैदा कर रही हैं। ऐसे समय में किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और व्यवहारिक समाधान पहुंचाना बेहद आवश्यक हो गया है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते खेतों और मिट्टी की सेहत को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कृषि उत्पादन और किसानों की आय दोनों प्रभावित हो सकती हैं। इसी उद्देश्य से ‘खेत बचाओ अभियान’ को व्यापक स्वरूप दिया गया है।
संतुलित उर्वरक उपयोग से लेकर प्राकृतिक खेती तक मिलेगी जानकारी
अभियान के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, हरी खाद के उपयोग, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कृषि पद्धतियों तथा नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की पहचान जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा खेत स्तर पर प्रदर्शन (डेमो), वैज्ञानिक प्रयोगों और सफल कृषि मॉडलों के माध्यम से किसानों को व्यवहारिक जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे नई तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को आसानी से अपनाने के लिए प्रेरित हों।
देशभर में बनेगा गांव-वार कार्ययोजना का रोडमैप
केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि 30 जून तक चलने वाले अभियान के लिए प्रत्येक जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें यह तय होगा कि किस दिन कौन वैज्ञानिक, अधिकारी या विशेषज्ञ किस गांव में जाकर किसानों से संवाद करेगा।
उन्होंने अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने तथा केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
किसान हित की योजनाओं को भी जोड़ा जाएगा
‘खेत बचाओ अभियान’ को बहुआयामी स्वरूप देते हुए किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है। अभियान के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट, दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की जानकारी और लाभ किसानों तक पहुंचाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की जागरूकता बढ़ेगी, कृषि लागत में कमी आएगी और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा की है। साथ ही केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक खेती के सफल मॉडल किसानों के बीच प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि खेतों की उत्पादकता और पर्यावरण संरक्षण दोनों लक्ष्यों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सके।
गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि यह अभियान खेती और पर्यावरण संरक्षण को लेकर देश में नई जागरूकता पैदा करेगा। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से कहा कि वे इसे औपचारिक कार्यक्रम न मानें, बल्कि पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान प्रस्तुत करें।
अभियान के दौरान केंद्रीय मंत्री स्वयं भी विभिन्न राज्यों के गांवों का दौरा कर किसानों से सीधा संवाद करेंगे और खेत संरक्षण से जुड़े प्रयासों का जायजा लेंगे। सरकार को उम्मीद है कि ‘खेत बचाओ अभियान’ खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

