लखनऊ: गन्ना विकास विभाग के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्राध्यापक बनेंगे मास्टर ट्रेनर!

गन्ना समितियों से जुड़े शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों को मिला रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन

लखनऊ, 15 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गन्ना विकास विभाग एवं वाधवानी फाउंडेशन की अनुषंगी संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (SDN) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 13 से 15 जुलाई 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ में आयोजित किया गया।

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प्राध्यापकों को दिया गया आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षण का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं, वैश्विक रोजगार बाजार, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

एमओयू के तहत युवाओं को मिलेगा कौशल आधारित शिक्षण का लाभ

यह प्रशिक्षण गन्ना विकास विभाग और वाधवानी फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य गन्ना समितियों से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है।

प्रशिक्षित प्राध्यापक बनेंगे ‘मास्टर ट्रेनर’

प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्राध्यापक अब अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में ‘मास्टर ट्रेनर’ की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी बदलती अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत की मांगों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।

ग्रामीण युवाओं और छात्राओं को मिलेगा विशेष लाभ

विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्थित महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा उपलब्ध होगी। विशेष रूप से छात्राओं के कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

नवाचार, नेतृत्व और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का होगा विकास

प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता विकसित करने पर बल दिया जाएगा। इससे युवा भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकेंगे।

कौशल आधारित शिक्षा को नई दिशा

समापन समारोह में उपस्थित विभागीय अधिकारियों और प्रतिभागी प्राध्यापकों ने इस कार्यक्रम को प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीति, कौशल भारत मिशन और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की अवधारणा को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गन्ना विकास विभाग की यह पहल ग्रामीण युवाओं को शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा में सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।