समुद्री खाद्य मूल्य संवर्धन कौशल ओलंपियाड 2026: कोच्चि में दिखी भारतीय प्रतिभा की चमक, काकीनाडा के पी. सूर्य भास्कर बने विजेता
कोच्चि। भारत के समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राष्ट्रीय समुद्री खाद्य मूल्य संवर्धन कौशल ओलंपियाड (National Seafood Value Addition Skill Olympiad) के दूसरे संस्करण का भव्य फाइनल बुधवार को कोच्चि में आयोजित सीफूड एक्सपो भारत 2026 के दौरान संपन्न हुआ। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से चयनित 10 कुशल पेशेवरों ने अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचार और पाक-कौशल का प्रदर्शन किया।
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कड़े मुकाबले में पी. सूर्य भास्कर ने मारी बाजी
प्रतियोगिता के फाइनल में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित देवी फिशरीज लिमिटेड के पी. सूर्य भास्कर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित थेवा एंड कंपनी के मुथु कुमारन दूसरे स्थान पर रहे। वहीं पश्चिम बंगाल की एसएस सीफूड्स प्राइवेट लिमिटेड से सागरिका सरदार ने तीसरा तथा ओडिशा की सबरी फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की बारासरानी जेना ने चौथा स्थान प्राप्त किया।
विजेता को 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 75 हजार और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। चौथे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 25 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप तैयार किए उत्पाद
भव्य फाइनल के दौरान प्रतिभागियों को वैश्विक बाजारों में लोकप्रिय छह मूल्य संवर्धित समुद्री खाद्य उत्पाद तैयार करने की चुनौती दी गई। इनमें नोबाशी श्रिम्प, ब्रेडेड बटरफ्लाई श्रिम्प, कुक्ड पील्ड डिवेन्ड टेल-ऑन श्रिम्प, मैरिनेटेड श्रिम्प स्क्यूअर्स, ब्रेडेड स्क्विड रिंग्स तथा फिश फिलेट्स शामिल थे।
प्रतियोगियों ने सीमित समय में उत्पाद निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रस्तुतीकरण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपने कौशल का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उत्पादों की वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ती मांग भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
2,500 से अधिक श्रमिकों को मिला विशेष प्रशिक्षण
ओलंपियाड के आयोजन से पहले एमपीईडीए ने देश के पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में समुद्री खाद्य मूल्य संवर्धन पर आधारित 50 विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 2,500 से अधिक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण श्रमिकों, तकनीशियनों और पेशेवरों को आधुनिक तकनीकों तथा निर्यातोन्मुख उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया।
यह पहल ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को मजबूत करते हुए समुद्री खाद्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुंबई और विशाखापत्तनम में हुए क्षेत्रीय चरण
फाइनल से पहले पश्चिमी तट क्षेत्र के लिए मुंबई और पूर्वी तट क्षेत्र के लिए विशाखापत्तनम में क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। 30 जून को संपन्न इन प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों का चयन राष्ट्रीय फाइनल के लिए किया गया।
तकनीकी दक्षता और गुणवत्ता के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता का मूल्यांकन समुद्री खाद्य प्रसंस्करण एवं गुणवत्ता नियंत्रण क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। प्रतिभागियों का आकलन तकनीकी दक्षता, स्वच्छता, सटीकता, कार्यकुशलता, उत्पाद प्रस्तुतीकरण और अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता जैसे मानकों पर किया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि मूल्य संवर्धित समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्माण में गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
समुद्री खाद्य निर्यात को मिलेगी नई गति
एमपीईडीए के अध्यक्ष पी. जवाहर ने कहा कि यह कौशल ओलंपियाड भारत में एक मजबूत, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री खाद्य उद्योग के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खरीदार अब केवल कच्चे समुद्री उत्पादों के बजाय उच्च गुणवत्ता वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एमपीईडीए गुणवत्ता आश्वासन, खाद्य सुरक्षा, प्रसंस्करण उत्कृष्टता, कार्यबल कौशल विकास, सतत समुद्री खाद्य उत्पादन तथा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। यह ओलंपियाड भारतीय समुद्री खाद्य निर्यात तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, समुद्री खाद्य निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार, उद्योग प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ तथा सीफूड एक्सपो भारत 2026 में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
फाइनलिस्टों द्वारा तैयार किए गए पुरस्कार विजेता समुद्री खाद्य उत्पादों को विशेष रूप से स्किल ओलंपियाड पवेलियन में प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही एमपीईडीए के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत विकसित निर्यातोन्मुख उत्पादों का प्रदर्शन और चखने (टेस्टिंग) का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसने आगंतुकों और खरीदारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मूल्य संवर्धन से बढ़ रही निर्यात क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार भारत दुनिया के प्रमुख समुद्री खाद्य निर्यातक देशों में शामिल है। मूल्य संवर्धित उत्पादों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देकर न केवल विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि की जा सकती है, बल्कि समुद्री खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। राष्ट्रीय समुद्री खाद्य मूल्य संवर्धन कौशल ओलंपियाड इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया, एमपीईडीए
