डॉ. च. श्रीनिवास राव को प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित
नई दिल्ली, – देश के कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई) के निदेशक डॉ. च. श्रीनिवास राव को वर्ष 2024-25 के प्रतिष्ठित प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हैदराबाद में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू द्वारा प्रदान किया गया।
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यह पुरस्कार डॉ. राव को जलवायु अनुकूल कृषि (क्लाइमेट-रेजिलिएंट फार्मिंग) और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय और दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया गया है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में इन क्षेत्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसानों के लिए नवाचार और शोध का बड़ा योगदान
डॉ. राव ने अपने शोध, नीतिगत सुझावों और जमीनी स्तर पर किए गए नवाचारों के माध्यम से किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में मदद की है। उनके कार्यों ने कृषि पद्धतियों में सुधार लाते हुए उत्पादकता बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
सम्मान किसानों और वैज्ञानिकों को समर्पित
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. राव ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व की बात है और वे इसे देश के किसानों तथा कृषि क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों को समर्पित करते हैं, जो लगातार एक सशक्त और टिकाऊ कृषि भविष्य के निर्माण में जुटे हुए हैं।
कृषि विज्ञान के क्षेत्र का प्रतिष्ठित सम्मान
प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2004-05 में रिटायर्ड आईसीएआर एम्प्लॉइज एसोसिएशन (RICAREA) और नुजिवीडु सीड्स लिमिटेड के सहयोग से की गई थी। यह पुरस्कार कृषि विज्ञान के क्षेत्र में आजीवन उत्कृष्ट उपलब्धियों और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।
वैज्ञानिक नवाचार से मजबूत होगा कृषि भविष्य
डॉ. राव को मिला यह सम्मान भारतीय कृषि में उनके नेतृत्व और योगदान को और मजबूत करता है। साथ ही यह दर्शाता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के जरिए ही देश को टिकाऊ और सुरक्षित कृषि भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।