मेरठ में गन्ना-मूंगफली सह-फसली मॉडल बना किसानों के लिए मिसाल, ‘खेत बचाओ’ अभियान के तहत वैज्ञानिकों और किसानों का संवाद!
मेरठ। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ‘खेत बचाओ’ अभियान के अंतर्गत मेरठ जनपद की सरधना तहसील के ग्राम कुशावली में आयोजित किसान-नीति निर्माता एवं वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए गन्ना-मूंगफली सह-फसलीकरण को किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी मॉडल बताया। कार्यक्रम का आयोजन ICAR-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (IIFSR), मोदीपुरम तथा अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
गन्ना-मूंगफली सह-फसलीकरण से बढ़ेगी आय, सुधरेगी मिट्टी की सेहत
कृषि मंत्री ने कहा कि गन्ना-मूंगफली सह-फसलीकरण ‘खेत बचाओ’ अभियान की मूल भावना के अनुरूप है। यह तकनीक किसानों को एक ही खेत से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर देती है, वहीं मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर खेती को अधिक टिकाऊ बनाती है। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों से इस मॉडल को अपनाने की अपील की।
वैज्ञानिक तकनीकों से गन्ना आधारित खेती में बड़ा बदलाव
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने मोदीपुरम स्थित ICAR-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान में गन्ना एवं मूंगफली की सह-फसली खेती का निरीक्षण भी किया। उन्होंने संस्थान में संचालित गन्ना-दलहनी तथा गन्ना-तिलहनी अंतःफसली प्रयोगों का अवलोकन किया और वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की।
संस्थान वर्तमान में 200 से अधिक किसानों के खेतों पर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन (FLD) संचालित कर रहा है। इन प्रदर्शनों के माध्यम से कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये तक अतिरिक्त आय की संभावना
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गन्ने के साथ उड़द, मूंग और लोबिया जैसी अल्पावधि दलहनी फसलों को शामिल करने से किसानों को प्रति हेक्टेयर 30 हजार से 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। वहीं गन्ने के साथ मूंगफली की उन्नत किस्मों की सह-फसली अपनाने पर यह अतिरिक्त लाभ 70 हजार से 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी तथा मृदा की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।
प्रगतिशील किसान विनोद सैनी बने रोल मॉडल
ग्राम कुशावली के प्रगतिशील किसान विनोद सैनी ने 40 एकड़ क्षेत्र में बसंतकालीन गन्ने के साथ मूंगफली की सह-फसली अपनाकर क्षेत्र के किसानों के सामने एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। उनके अनुभव के अनुसार इस पद्धति से किसानों को प्रति एकड़ लगभग 25 हजार से 30 हजार रुपये का अतिरिक्त शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।
खेतों के आंकड़ों के अनुसार गन्ना उत्पादन में 8 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही मूंगफली की जड़ों में पाए जाने वाले राइजोबियम जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
संसाधनों का बेहतर उपयोग और खरपतवार नियंत्रण
विशेषज्ञों ने बताया कि बसंतकालीन गन्ना शुरुआती चार से पांच महीनों तक धीमी गति से बढ़ता है। इसी अवधि में मूंगफली 90 से 100 दिनों में तैयार होकर खेत से निकल जाती है। इससे भूमि, जल, सूर्य प्रकाश और पोषक तत्वों का अधिकतम उपयोग संभव हो पाता है। मूंगफली की फसल भूमि को ढककर रखने के कारण खरपतवार नियंत्रण में भी मददगार साबित होती है।
दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन को मिलेगा बल
कृषि मंत्री ने कहा कि गन्ना आधारित कृषि प्रणाली में दलहनी एवं तिलहनी फसलों के समावेश से केंद्र और राज्य सरकार के दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन को गति मिलेगी। यह मॉडल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और टिकाऊ खेती के लक्ष्य को भी मजबूत करेगा।
किसानों से मॉडल अपनाने की अपील
सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश के गन्ना किसानों से आह्वान किया कि वे विनोद सैनी के मॉडल को अपनाएं। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ मूंगफली की सह-फसली खेती केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
इस अवसर कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधायक अमित अग्रवाल, कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के उपमहानिदेशक डॉ. ए.के. नायक, गन्ना शोध संस्थान लखनऊ के निदेशक डॉ. एस.एस. सुशील, ICAR-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सुशील कुमार तथा CIMMYT, नई दिल्ली के कंट्री रिप्रेजेंटेटिव डॉ. महेश कुमार गठाला सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।


























