LHDCP योजना: पशुधन स्वास्थ्य सुरक्षा से मजबूत होगा ग्रामीण भारत, 2030 तक बड़ी बीमारियों के उन्मूलन का लक्ष्य
नई दिल्ली। देश के विशाल पशुधन संसाधन को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। यह महत्वाकांक्षी योजना Department of Animal Husbandry & Dairying द्वारा, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying के तहत है।
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कार्यक्रम का लक्ष्य 2030 तक फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) और पेस्ट देस पेटिट्स रूमिनेंट्स (PPR) जैसी गंभीर बीमारियों का उन्मूलन कर भारत को रोग-मुक्त पशुधन क्षेत्र की ओर अग्रसर करना है। बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान, मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जरिए घर-घर पशु चिकित्सा सेवाएं और सस्ती जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता इस योजना की प्रमुख विशेषताएं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि LHDCP न केवल पशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि दुग्ध और मांस उत्पादन बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा तथा करोड़ों पशुपालक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
🔎 योजना का मुख्य उद्देश्य
LHDCP का उद्देश्य पशुओं में प्रमुख संक्रामक रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन सुनिश्चित करना है। इसके तहत:
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2030 तक Foot and Mouth Disease (FMD) का उन्मूलन
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Bovine Brucellosis पर टीकाकरण के माध्यम से नियंत्रण
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2030 तक Peste des Petits Ruminants (PPR) का उन्मूलन
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Classical Swine Fever (CSF) का टीकाकरण द्वारा नियंत्रण
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1962 टोल-फ्री नंबर के माध्यम से मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) द्वारा घर-घर पशु चिकित्सा सेवा
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राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को ASCAD के तहत वित्तीय सहायता
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ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती जेनेरिक एवं एथनो-वेटरनरी दवाओं की उपलब्धता
📌 योजना के प्रमुख घटक
1️⃣ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP)
National Animal Disease Control Program (NADCP) के तहत बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य मवेशियों, भैंसों, भेड़, बकरी और सूअरों में FMD और ब्रुसेलोसिस को नियंत्रित करना है।
विशेष फोकस: हर्ड इम्युनिटी विकसित कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना।
2️⃣ पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LH&DC)
यह घटक पशु स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। इसके तीन उप-घटक हैं:
(i) क्रिटिकल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (CADCP)
Critical Animal Disease Control Program (CADCP) के अंतर्गत भेड़-बकरियों में PPR और सूअरों में CSF रोग के खिलाफ टीकाकरण किया जाता है।
(ii) पशु चिकित्सालय सुदृढ़ीकरण एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट (ESVHD-MVU)
इस पहल के तहत 1962 टोल-फ्री नंबर के माध्यम से पशुपालकों को घर बैठे पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
(iii) राज्यों को सहायता (ASCAD)
Assistance to States for Control of Animal Diseases (ASCAD) के तहत राज्यों को जूनेटिक, उभरती और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बीमारियों के नियंत्रण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
इसमें शामिल हैं:
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डायग्नोस्टिक लैब सुदृढ़ीकरण, रोग निगरानी, प्रकोप नियंत्रण, प्रभावित पशुओं के लिए मुआवजा
3️⃣ पशु औषधि (Pashu Aushadhi)
इस घटक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती जेनेरिक पशु दवाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल PM-Kisan Samriddhi Kendras (PM-KSKs) और सहकारी समितियों के माध्यम से लागू की जा रही है।
इसमें एथनो-वेटरनरी मेडिसिन (EVM) भी शामिल है, जिससे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय संभव हो सके।
🎯 संभावित लाभ और प्रभाव

✅ प्रमुख बीमारियों का उन्मूलन
FMD, PPR, ब्रुसेलोसिस और CSF जैसी बीमारियों में भारी कमी।
✅ रोग-मुक्त क्षेत्र की स्थापना
कड़े टीकाकरण और निगरानी से FMD-फ्री ज़ोन/राज्यों का निर्माण।
✅ बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं
मोबाइल यूनिट से समय पर इलाज और रोग पहचान।
✅ सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा
जूनोटिक रोगों के जोखिम में कमी, जिससे मानव स्वास्थ्य सुरक्षित।
✅ ग्रामीण रोजगार सृजन
टीकाकरण, पशु चिकित्सा सेवाओं और सहायक गतिविधियों में नए अवसर।
✅ सस्ती दवाओं की उपलब्धता
ग्रामीण पशुपालकों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं।
📊 आर्थिक और सामाजिक महत्व
भारत में दुग्ध, मांस और पशु उत्पादों का बढ़ता उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। LHDCP के माध्यम से पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी, निर्यात संभावनाएं मजबूत होंगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं.. https://www.dahd.gov.in/#gsc.tab=0