मूंगफली पैदावार में नई क्रांति: SAMNUT 30 को मिली मंजूरी
इबादान –नाइजीरिया में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्था ICRISAT द्वारा विकसित उच्च उत्पादकता वाली मूंगफली किस्म SAMNUT 30 (ICGV 206228) को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। यह किस्म छोटे किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और पोषण स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता इसकी खासियत
नई किस्म SAMNUT 30 ने 2,766 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक की उपज दर्ज कर अन्य किस्मों को पीछे छोड़ दिया। यह देश में प्रचलित किसान-पसंदीदा किस्मों की तुलना में करीब 14% अधिक उत्पादन देती है।
साथ ही, यह रोसेट रोग, अर्ली लीफ स्पॉट और लेट लीफ स्पॉट जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति सहनशील है, जिससे फसल नुकसान में कमी आएगी।
खाद्य के साथ पशु चारे का भी समाधान
इस किस्म की एक बड़ी विशेषता इसका उच्च ‘हॉल्म यील्ड’ (पत्ते व तना पैदावार) है, जो इसे दोहरे उपयोग (अनाज + चारा) के लिए उपयुक्त बनाता है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे, खासकर पशुपालन करने वाले किसानों के लिए।
वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद हुआ चयन
SAMNUT 30 को कई चरणों की कठोर परीक्षण प्रक्रिया के बाद चुना गया।
- वर्ष 2022 में 10 मध्यम अवधि वाली किस्मों का चयन
- 2024-25 में 6 अलग-अलग क्षेत्रों में मल्टी-लोकेशन ट्रायल
- 2025 में किसानों के खेतों पर परीक्षण
इन सभी चरणों में इस किस्म ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों में भी स्थिर उपज दी।
किसानों की भागीदारी से मिली अंतिम मंजूरी
कानो, जिगावा और बाउची राज्यों के 11 किसानों के साथ किए गए परीक्षणों में भी SAMNUT 30 ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। किसानों ने इसकी उत्पादकता और अनुकूलता को सराहा, जिसके बाद इसे आधिकारिक मंजूरी दी गई।
कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
नाइजीरिया में मूंगफली एक प्रमुख फसल है, जो खाद्य और नकदी दोनों के रूप में महत्वपूर्ण है। देश विश्व में चौथे और अफ्रीका में पहले स्थान पर है, जहां हर साल लगभग 1.55–1.65 मिलियन टन उत्पादन होता है।
नई किस्म से उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ निर्यात और घरेलू बाजार को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय: किसानों की आय में होगा इजाफा
ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने इसे साझेदारी की बड़ी सफलता बताया। उनके अनुसार, यह किस्म न केवल खाद्य सुरक्षा बढ़ाएगी बल्कि किसानों के लिए नए बाजार अवसर भी खोलेगी।
वहीं, ICRISAT नाइजीरिया के प्रतिनिधि डॉ. अंगरावई ने कहा कि यह किस्म किसानों की जरूरतों और बाजार की मांग दोनों को पूरा करती है।
अन्य देशों के लिए क्या सीख?
- उच्च उत्पादकता + रोग प्रतिरोधकता: वाले ऐसी किस्मों का विकास मूंगफली उत्पादन को बढ़ा सकता है।
- ड्यूल-पर्पज फसल: अनाज के साथ चारा उत्पादन से किसानों की आय के कई स्रोत बनते हैं।
- फार्मर-पार्टिसिपेटरी रिसर्च: किसानों को परीक्षण प्रक्रिया में शामिल करना अपनाने की दर बढ़ाता है।
- जलवायु अनुकूल खेती: बदलते मौसम में टिकाऊ किस्में भविष्य की जरूरत हैं।
अब आगे की चुनौती: बीज उपलब्धता
सरकार और संस्थाओं का अगला फोकस बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन और किसानों तक इसकी समय पर पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि इस किस्म का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके।
सारांश:
SAMNUT 30 सिर्फ एक नई किस्म नहीं, बल्कि टिकाऊ खेती, बेहतर आय और खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है।
चित्र: सौजन्य ICRISAT