किसानों को सस्ती बिजली और सोलर पम्प से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, 2 लाख पम्प लगाने का लक्ष्य
भोपाल, – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा की लागत कम होने से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी।
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नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उपभोक्ता से आगे बढ़ाकर ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए। इसके लिए उन्हें बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा योजनाओं से जोड़ा जाए।
किसानों को सोलर पम्प अपनाने के लिए प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को सोलर पम्प के उपयोग के लिए हर संभव प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता दी जाए। जो किसान इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें विभाग द्वारा मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (रूफटॉप सोलर) की प्रगति तेज करने पर भी जोर दिया गया।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर परिणाम के लिए समयसीमा तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने वार्षिक लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करे और आवश्यकता अनुसार उन्हें बढ़ाए, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
नगरीय निकायों के लिए नया आय मॉडल
बैठक में यह भी बताया गया कि नगरीय निकाय कचरा प्रबंधन और रूफटॉप सोलर योजनाओं के माध्यम से आय अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए भोपाल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकारी इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
2 गीगावॉट अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट पर फोकस
मुरैना में उत्तरप्रदेश के साथ मिलकर स्थापित किए जा रहे 2,000 मेगावॉट अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के ऊर्जा हितों को प्राथमिकता देने को कहा। इस परियोजना के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय जारी है।
सौर ऊर्जा में तेजी से विस्तार
अधिकारियों ने बताया कि—
- कुसुम योजना (बी) के तहत अब तक 27,100 सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं
- अगले दो वर्षों में 4 लाख पम्प सौर ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य
- कुसुम योजना (सी) के तहत 10 लाख किसानों को जोड़ने की योजना
- अब तक 2.5 लाख पम्प इंस्टॉल किए जा चुके हैं
सौर ऊर्जा विस्तार के लिए विभाग ने मासिक कार्ययोजना भी तैयार की है।
किसानों को ऊर्जा से आय का अवसर
सरकार का फोकस केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़कर उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना भी है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।