किसानों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट खेती का नया मॉडल!

जलवायु संकट से निपटने के लिए खेती में बड़ा बदलाव, सूक्ष्म सिंचाई से लेकर जलवायु-प्रतिरोधी बीजों पर केंद्र सरकार का फोकस 109 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पहुंची माइक्रो इरिगेशन तकनीक, 25.79 करोड़ किसानों को मिले मृदा स्वास्थ्य कार्ड नई दिल्ली। देश में तेजी से बदलते मौसम, अनियमित बारिश, बढ़ती गर्मी और घटते भूजल स्तर के … Read more

कम पानी, ज्यादा पैदावार: आधुनिक सिंचाई का कमाल!

🌾 आधुनिक सिंचाई: कम पानी में अधिक उपज से किसानों की आय में होगा इजाफा नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जल संसाधन सीमित हैं। बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के बीच आधुनिक सिंचाई तकनीकें किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई हैं। … Read more

बीकानेर का सहनीवाला बनेगा मिनी इजरायल

 किसानों को मिलेगा हाई-टेक खेती का लाभ जयपुर, शासन के कृषि एवं उद्यानिकी सचिव राजन विशाल ने बुधवार को बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र का दौरा कर उन्नत उद्यानिकी तकनीकों से विकसित किए जा रहे हाई-टेक हार्टिकल्चर मॉडल क्लस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य बिंदु  … Read more

हर खेत को पानी के साथ ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ का लक्ष्य

“हर खेत को पानी” बढ़ेगी किसानों की खुशहाली लखनऊ, 27 मार्च: किसानों की खुशहाली के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। “हर खेत को पानी” योजना के तहत अब “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने … Read more

कृषि उन्नति के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र संपन्न

जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती के उपाय पर चर्चा नई दिल्ली – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के जल प्रौद्योगिकी केंद्र में किसानों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुनियोजित कृषि और बागवानी समिति (एनसीपीएएच) द्वारा प्रायोजित और सुनियोजित कृषि विकास केंद्र (पीएफडीसी) के तत्वावधान में आयोजित … Read more

जलवायु अनुकूल फसलों की 2661 किस्में हुई विकसित

जलवायु के हिसाब से फसलों की नई किस्में पिछले दस साल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़ी संस्थाओं ने 2014-2024 के दौरान विभिन्न फसलों की 2900 किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 2661 किस्में जलवायु के लिहाज़ से मज़बूत हैं। इस अवधि के दौरान, केरल राज्य के लिए 63 क्षेत्रीय फसल किस्मों का विकास किया गया है, जिनमें अनाज की 23, तिलहन की 2, दालों के 10, चारा फसलों की 15 और … Read more