धान की पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने दिया प्रशिक्षण!

तेलंगाना के कोनाइपाली में किसानों को आधुनिक धान खेती का प्रशिक्षण, टिकाऊ कृषि पर जोर हैदराबाद/मेडचल, 30 अप्रैल 2026।-एमजीएमजी (MGMG) कार्यक्रम के तहत तेलंगाना के मेडचल जिले के कोनाइपाली गांव में व्यापक किसान जागरूकता एवं फील्ड आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत … Read more

अब सिर्फ यूरिया नहीं, संतुलित खेती का दौर!

संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान: 700 गांवों तक पहुंचेगा IARI मिशन !! हापुड़, 28 अप्रैल 2026। -किसानों को मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भा.कृ.अ.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के जसरोपनगर गोयाना गांव में “मेरा गांव–मेरा गौरव” कार्यक्रम के तहत एक व्यापक … Read more

MP के किसानों के लिए बड़ी खबर 4 जिलों के लिए कृषि रोडमैप जारी

डिजिटल खेती की ओर बढ़ा मध्यप्रदेश सीहोर/रायसेन, -मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव में केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया। केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने सीहोर, देवास, विदिशा और रायसेन जिलों के लिए समग्र कृषि रोडमैप जारी करते हुए खेती को टिकाऊ, वैज्ञानिक और … Read more

मिट्टी की सेहत ही खेती की असली ताकत है !!

मिट्टी की सेहत से कृषि में नई क्रांति: हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम !! हैदराबाद, -कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों की आय सुरक्षित करने के लिए मिट्टी की सेहत को मजबूत करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसी दिशा में ICRISAT ने तेलंगाना सरकार के सहयोग से हैदराबाद के पाटनचेरु स्थित … Read more

अफ्रीका में किसानों के लिए बड़ी पहल 32 हजार किसानों को लाभ!

उन्नत बीजों से बढ़ेगी आय और आत्मनिर्भरता !! अफ्रीका के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन को स्थिर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी कृषि पहल की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम विज्ञान, नवाचार और साझेदारी के समन्वय से किसानों को विकास की मुख्यधारा में … Read more

उर्वरकों का संतुलन ही टिकाऊ कृषि टिकाऊ कृषि की कुंजी!

संतुलित उर्वरीकरण से मृदा स्वास्थ्य, उत्पादकता और टिकाऊ कृषि को नई दिशा नई दिल्ली। फसल की पोषण आवश्यकताओं, मृदा की उर्वरता स्थिति और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण उपयोग ही संतुलित उर्वरीकरण कहलाता है। इसके अंतर्गत सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश आदि) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (जिंक, आयरन, बोरॉन आदि) को … Read more

किसानों का जीवन आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता: जेपी नड्डा

संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ खेती पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर का आयोजन नई दिल्ली। किसानों को केंद्र में रखकर नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उर्वरक विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में एक दिवसीय … Read more

कृषि नवाचार में भारत-नीदरलैंड की नई साझेदारी!

भारत-नीदरलैंड कृषि सहयोग को नई दिशा: नई दिल्ली में आठवीं संयुक्त कार्य समूह बैठक संपन्न नई दिल्ली, –भारत और नीदरलैंड के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आठवीं संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group – JWG) बैठक का आयोजन नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में किया गया। यह बैठक … Read more

फसल बचाने वाली खोज: मूंगफली में रोग-प्रतिरोधी किस्में जल्द!

मूंगफली किसान होंगे फायदे में, स्टेम रॉट से मिलेगी सुरक्षा! बड़ी वैज्ञानिक सफलता: मूंगफली की विनाशकारी बीमारी से किसानों को मिलेगी राहत हैदराबाद, – अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) ने मूंगफली की फसलों को बर्बाद करने वाली स्टेम रॉट बीमारी के खिलाफ एक बड़ी वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। इस खोज से दुनिया भर के … Read more

‘Farmer FIRST’ प्रोजेक्ट के तहत एक दिवसीय किसान गोष्ठी आयोजित

किसानों को INM पर मिली नई जानकारी, IARI ने दाढ़ोता (पलवल) में किया जागरूक दाढ़ोता (पलवल), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा संचालित Farmer FIRST Project के अंतर्गत दाढ़ोता गाँव (पलवल) में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य विषय एकीकृत पोषक प्रबंधन (Integrated Nutrient Management – INM) … Read more