महिला किसान सशक्तिकरण से सतत कृषि को मिलेगी नई दिशा

जलवायु अनुकूलन में महिला किसानों की भूमिका होगी निर्णायक, सतत कृषि के लिए सशक्तिकरण जरूरी: सूर्य प्रताप शाही लखनऊ। जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच महिला किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़ना खेती को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से लखनऊ … Read more

हर साल 40% फसल बर्बाद, पौध स्वास्थ्य पर दुनिया की बढ़ी चिंता!

अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस: जलवायु परिवर्तन के दौर में फसलों को बचाने की नई जंग, ICRISAT ने दिखाई राह कीट और बीमारियों से हर साल 40% तक फसल नुकसान, छोटे किसानों के सामने बढ़ा संकट दुनियाभर में बढ़ते तापमान, अनियमित बारिश और बदलते जलवायु पैटर्न ने खेती के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। … Read more

बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, संकट बन रही है!

बढ़ती गर्मी से निपटने को भारत का बड़ा कदम: ‘इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान’ से जलवायु लचीलापन मजबूत! नई दिल्ली –केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत “इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान” के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए सतत कूलिंग और जलवायु लचीलापन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा … Read more

गेहूं-जौ अनुसंधान से आत्मनिर्भर भारत को नई ताकत !

🌾 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी पहल: जलवायु-स्मार्ट गेहूं-जौ अनुसंधान से खाद्य सुरक्षा को मिलेगा नया बल !! 📍 करनाल/नई दिल्ली | देश को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने संरक्षण कृषि (Conservation Agriculture) और जलवायु-लचीली (Climate-Resilient) गेहूं … Read more

बीज संकट से जूझती खेती: बेहतर बीज मौजूद, लेकिन किसानों तक पहुंच अब भी बड़ी चुनौती!

भारत और अफ्रीका में कम बीज प्रतिस्थापन दर से घट रही पैदावार, ICRISAT के मॉडल से दिखी नई उम्मीद! कृषि क्षेत्र में बीज को उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की बुनियाद माना जाता है, लेकिन भारत और अफ्रीका के लाखों किसान आज भी दशकों पुराने बीजों पर निर्भर हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य और पोषण जरूरतों के … Read more

“मिट्टी का मसीहा: किसान के बेटे ने बदली दुनिया की खेती!

🌱 माटी का लाल से ‘ग्लोबल सॉयल सेवियर’ तक: डॉ. रत्तन लाल की प्रेरक यात्रा !! नई दिल्ली -भारत की मिट्टी से जुड़ा एक साधारण किसान परिवार का बेटा आज पूरी दुनिया में “मिट्टी का मसीहा” बन चुका है। यह कहानी है विश्व प्रसिद्ध मृदा वैज्ञानिक डॉ. रत्तन लाल की, जिन्होंने न केवल खेती की … Read more

डेयरी से विकास और पर्यावरण संरक्षण का रास्ता !!

सस्टेनेबिलिटी, सहकार और विज्ञान का संगम: भारतीय डेयरी की समग्र दृष्टि  अहमदाबाद -नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (GTU) एवं Nature First द्वारा आयोजित ‘Climate | Carbon | Coastlines’ विषयक संगोष्ठी में सस्टेनेबिलिटी को भारतीय संस्कृति, सहकारी आंदोलन और आधुनिक विज्ञान से जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत … Read more

अक्टूबर में आम के पेड़ों पर नई पत्तियाँ — चेतावनी, खुशखबरी नहीं!

🍃 विशेषज्ञ की सलाह — “अक्टूबर में सिंचाई रोकें, विश्राम दें आम को” उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों—बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली—में इस समय आम के बाग़ानों में एक अजीब दृश्य देखने को मिल रहा है। अक्टूबर के महीने में आम के पेड़ों पर नई पत्तियाँ और टहनियाँ निकल रही हैं। यह दृश्य … Read more

चार दशक बाद ICRISAT और नाइजर ने मिलाया हाथ!

अब जलवायु-सहनशील कृषि और खाद्य संप्रभुता को मिलेगा नया आयाम। 🌾 चार दशक बाद नया संकल्प: नाइजर में जलवायु-सहनशील कृषि को लेकर ICRISAT और नाइजर सरकार की साझेदारी फिर से मजबूत नियामी (नाइजर) नाइजर की 80% आबादी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर है और लगभग 40% लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। ऐसे … Read more

PMFBY: दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना पर ग्लोबल कार्यशाला

नई दिल्ली में जुटे नीति-निर्माता व विशेषज्ञ, कृषि जोखिम प्रबंधन पर मंथन नई दिल्ली, – भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आज नई दिल्ली में “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) पर ग्लोबल बेंचमार्किंग परामर्श कार्यशाला” का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य कृषि जोखिम … Read more