बीज से ब्रांडिंग और निर्यात तक, मखाना किसानों को मिलेगा पूरा सहयोग!

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की मखाना विकास योजना 2026-27: किसानों को बीज, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और निर्यात सहायता का लाभ

पटना। बिहार में मखाना क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मखाना बोर्ड ने मखाना विकास योजना 2026-27 लागू की है। यह योजना मखाना की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर केंद्रित है, जिससे किसानों, व्यापारियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक बेहतर अवसर मिल सकें।

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मखाना उत्पादन और मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर

योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता, किसानों के प्रशिक्षण, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, निर्यात संवर्धन और सर्टिफिकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मखाना को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

बिहार के 21 जिलों में लागू होगी योजना

मखाना विकास योजना बिहार के 21 चयनित जिलों में संचालित की जाएगी। इनमें कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज और पटना शामिल हैं।

ऑन-फार्म हैंडलिंग यूनिट को मिलेगा प्रोत्साहन

योजना के अंतर्गत ऑन फार्म हैंडलिंग यूनिट ऑफ मखाना की स्थापना के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से किसानों और एफपीओ को मखाना की सफाई, ग्रेडिंग, भंडारण और प्राथमिक प्रसंस्करण जैसी सुविधाओं के विकास में सहयोग मिलेगा। उपलब्ध अवयवों और सहायता का प्रावधान राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।

किसानों को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

  • गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से मखाना उत्पादन में वृद्धि।
  • आधुनिक खेती और प्रसंस्करण तकनीकों पर प्रशिक्षण एवं कौशल विकास।
  • फसल कटाई उपरांत प्रबंधन की बेहतर सुविधाएं।
  • ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा।
  • किसानों, खेतिहर मजदूरों और एफपीओ की आय में वृद्धि।
  • ऑन-फार्म हैंडलिंग यूनिट स्थापित करने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ बिहार के चयनित 21 जिलों के किसान उठा सकते हैं। पात्रता के अनुसार किसान के पास न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर) तथा अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) क्षेत्र में मखाना की खेती होना आवश्यक है।

सामान्य, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को MIDH (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कम से कम 30 प्रतिशत महिला किसानों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—

  • किसान पंजीकरण संख्या
  • आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • आधिकारिक वेबसाइट पर निर्दिष्ट अन्य आवश्यक दस्तावेज

बिहार के मखाना उद्योग को मिलेगी नई पहचान

विशेषज्ञों के अनुसार बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का बड़ा हिस्सा पैदा करता है। ऐसे में यह योजना उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात को एकीकृत कर मखाना उत्पादकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बिहार को वैश्विक मखाना हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की यह पहल कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आवेदन की जानकारी-  https://www.biharkrishi.in/schemes/details