बीज, सिंचाई, पशुपालन, बागवानी और कृषि तकनीक के क्षेत्रों में दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने पर सहमति!
नई दिल्ली, 9 जुलाई। भारत और अफगानिस्तान ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। 8 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुधन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति बनी।
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बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। दोनों देशों ने कृषि सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा तथा टिकाऊ कृषि विकास के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया।
खाद्य सुरक्षा और जलवायु-अनुकूल कृषि पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा, गुणवत्तायुक्त बीज प्रणाली, जलवायु-अनुकूल एवं जैव-संपोषित (बायोफोर्टिफाइड) फसल किस्मों, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, पशुधन विकास, बागवानी, मत्स्य पालन, कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, क्षमता निर्माण और कृषि व्यापार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु परिदृश्य और खाद्य मांग को देखते हुए भारत और अफगानिस्तान के बीच तकनीकी सहयोग दोनों देशों के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
आईसीएआर ने साझा किया सहयोग का व्यापक खाका
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने दोनों देशों के बीच दशकों से जारी कृषि सहयोग की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कृषि अनुसंधान, जर्मप्लाज्म आदान-प्रदान, जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन (वाटरशेड मैनेजमेंट) और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग को रेखांकित किया।
डॉ. जाट ने कहा कि आईसीएआर गेहूं अनुसंधान, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार, तकनीक हस्तांतरण और वैज्ञानिक साझेदारी के माध्यम से सहयोग को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम कृषि और पशुधन क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने पर सहमति रहा। यह समूह दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक संरचित रोडमैप तैयार करेगा, जिससे परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी साझेदारी को गति मिलेगी।
किसानों की समृद्धि और टिकाऊ विकास पर जोर
भारत और अफगानिस्तान ने टिकाऊ कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों की समृद्धि को साझा प्राथमिकता बताते हुए कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह पहल न केवल दोनों देशों के कृषि तंत्र को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा और कृषि नवाचार को भी बढ़ावा देगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की उन्नत कृषि तकनीकों, बीज विकास, सिंचाई प्रबंधन और कृषि अनुसंधान क्षमताओं का लाभ अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जबकि दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।
