यूपी: गन्ना सर्वेक्षण नीति 2026: GPS तकनीक से होगा सटीक आकलन, 1 मई से शुरू सर्वे!

गन्ना सर्वे से तय होगी पेराई सत्र 2026-27 की तस्वीर!

लखनऊ, 18 अप्रैल 2026  –आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना उत्पादन का सटीक अनुमान लगाने की दिशा में राज्य सरकार ने व्यापक गन्ना सर्वेक्षण नीति लागू कर दी है। यह सर्वे 1 मई से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। नीति का फोकस साफ है—आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान।

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GPS और एंड्रॉयड तकनीक से होगा 100% सर्वे

इस बार सर्वे पूरी तरह जीपीएस युक्त एंड्रॉयड आधारित उपकरणों से किया जाएगा। खेतों की माप, गन्ने की किस्म, पेड़ी की स्थिति—हर जानकारी डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगी। इससे अनुमान आधारित आंकड़ों की जगह वास्तविक डेटा मिलेगा, जो चीनी मिलों और विभागीय योजना दोनों के लिए अहम होगा।

ऑनलाइन घोषणा-पत्र अनिवार्य, नहीं भरा तो सट्टा बंद

किसानों को अपने गन्ना क्षेत्र का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं भरना होगा। यह घोषणा-पत्र सर्वे का आधार बनेगा। यदि कोई किसान यह जानकारी नहीं देता है, तो उसका गन्ना सट्टा आगामी पेराई सत्र में बंद किया जा सकता है—यह प्रावधान किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी है।

संयुक्त टीम करेगी सत्यापन, SMS से मिलेगी सूचना

सर्वे टीम में विभागीय गन्ना पर्यवेक्षक और चीनी मिल का कर्मचारी शामिल रहेगा। टीम सर्वे से तीन दिन पहले किसानों को SMS के जरिए सूचना देगी। खेत पर सर्वे के दौरान किसान की मौजूदगी अनिवार्य होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

छोटे सर्किल बनाकर माइक्रो लेवल पर निगरानी

हर चीनी मिल क्षेत्र में 500 से 1000 हेक्टेयर के अस्थायी सर्किल बनाए जाएंगे। इससे सर्वे कार्य को छोटे हिस्सों में बांटकर अधिक सटीक और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

डिजिटल रिकॉर्ड और क्रॉस वेरिफिकेशन की व्यवस्था

सर्वे के आंकड़े सीधे विभागीय सर्वर पर अपलोड होंगे और चीनी मिलों की वेबसाइट पर भी दिखेंगे। किसान अपनी जमीन का सत्यापन राजस्व विभाग की वेबसाइट से भी कर सकेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक सर्वे रजिस्टर पर टीम के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।

नई खेती तकनीकों का भी होगा रिकॉर्ड

पहली बार सर्वे में इंटरक्रॉपिंग, एग्रोफॉरेस्ट्री, फार्म फॉरेस्ट्री, ड्रिप इरिगेशन और ट्रेंच/जोड़ीदार पंक्ति विधि से की गई खेती का भी डेटा जुटाया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में मशीनी कटाई और उत्पादकता बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाना है।

नए किसानों का पंजीकरण, 30 सितंबर तक मौका

सर्वे के दौरान नए किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा। हालांकि, गन्ना आपूर्ति का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो 30 सितंबर 2026 तक पंजीकृत होंगे।

उपज बढ़ाने के लिए आवेदन और शुल्क व्यवस्था

उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं के लिए 30 सितंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। इसके लिए श्रेणी के अनुसार ₹10, ₹100 और ₹200 का शुल्क निर्धारित किया गया है।

हर स्तर पर निगरानी, औचक निरीक्षण जारी

जोन से लेकर राज्य स्तर तक अधिकारी सर्वे कार्य की निगरानी करेंगे। औचक निरीक्षण के जरिए लापरवाही पर नजर रखी जाएगी, जिससे सर्वे की विश्वसनीयता बनी रहे।

क्या है इस नीति का बड़ा संदेश?

यह गन्ना सर्वे सिर्फ आंकड़े जुटाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि पूरी चीनी अर्थव्यवस्था को डेटा आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सटीक उत्पादन अनुमान से चीनी मिलों की क्षमता योजना, भुगतान चक्र और किसानों की आय—तीनों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

किसानों के लिए अहम सलाह

  • समय पर ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरें, SMS सूचना पर ध्यान दें, सर्वे के समय खेत पर मौजूद रहें, अपने रिकॉर्ड की जांच अवश्य करें

सरकार की अपील है कि सभी किसान और संबंधित पक्ष इस सर्वे में सहयोग करें, ताकि आने वाला पेराई सत्र बिना किसी बाधा के संचालित हो सके।