September 21, 2026 7:10 PM

Krishi Times

Archive story

अल नीनो पर अलर्ट: खरीफ से पहले सरकार की बड़ी तैयारी!

खरीफ 2026 से पहले अलर्ट मोड में केंद्र, अल नीनो से निपटने की पूरी तैयारी

कम बारिश के अनुमान के बीच तैयारी तेज, जल भंडारण और बीज व्यवस्था पर विशेष फोकस

नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026।-आगामी खरीफ सीजन से पहले केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और संभावित अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है।

मौसम चेतावनी के बीच रणनीति तैयार

बैठक में India Meteorological Department के पूर्वानुमान पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। अनुमान है कि इस साल बारिश दीर्घकालीन औसत का लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है। साथ ही मानसून के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने के संकेत भी दिए गए हैं, जिसका अंतिम आकलन मई के अंत में जारी होगा।

कृषि मंत्री ने साफ कहा कि सरकार इन संकेतों को गंभीरता से ले रही है और किसी भी परिस्थिति के लिए पहले से तैयारी कर रही है, ताकि किसानों पर न्यूनतम असर पड़े।

जल भंडारण बना बड़ी ताकत

समीक्षा बैठक में यह अहम तथ्य सामने आया कि देश के प्रमुख जलाशयों में जल स्तर संतोषजनक है। वर्तमान भंडारण सामान्य से 127 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त जल भंडारण खरीफ सीजन में सिंचाई जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और सूखे के खतरे को काफी हद तक कम करेगा।

तकनीक और सिंचाई से बदली तस्वीर

सरकार का मानना है कि पहले की तुलना में अब कृषि क्षेत्र ज्यादा मजबूत और अनुकूलनशील हो चुका है।
वर्ष 2000 से 2016 के बीच अल नीनो का असर अधिक दिखाई देता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

  • सूक्ष्म सिंचाई तकनीक का विस्तार, उन्नत बीजों का उपयोग, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण के बेहतर उपाय, इन सभी कारकों ने खेती को अधिक स्थिर बनाया है।

राज्यों को अलर्ट: जिला स्तर तक तैयार रहें

बैठक में राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे हर स्तर पर आकस्मिक योजनाएं तैयार रखें।
मंत्री ने कहा कि:

  • बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदान समय पर उपलब्ध हों, सूखा-सहनशील किस्मों को बढ़ावा दिया जाए, देरी से बुवाई के विकल्प तैयार रखें
  • जिला स्तर तक संकट प्रबंधन योजना सक्रिय की जाए

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राष्ट्रीय बीज भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत आपूर्ति की जा सके।

किसानों के लिए भरोसा: चिंता की जरूरत नहीं

कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य मिलकर हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।
निगरानी तंत्र लगातार सक्रिय है और हालात की नियमित समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जोखिम का आकलन करना नहीं, बल्कि समय रहते ऐसे कदम उठाना है जिससे खेती प्रभावित न हो और किसानों का आत्मविश्वास बना रहे।