पूर्वोत्तर भारत पशुधन विकास सम्मेलन 2025: निवेश और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा

शिलांग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय 23-24 जनवरी, 2025 को मेघालय के शिलांग में दो दिवसीय सम्मेलन “पूर्वोत्तर भारत में पशुधन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संवाद” आयोजित कर रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है। The Ministry of Fisheries, Animal … Read more

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की कृषि मुद्दों पर समीक्षा बैठक

कृषि क्षेत्र में प्रगति, फसलों की बुआई और कीमतों पर चर्चा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में रबी फसलों की बुआई, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली, कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात, विपणन, … Read more

समुद्री शैवाल की खेती: तटीय किसानों के लिए नई दिशा और आय

समुद्री शैवाल की खेती: किसानों के लिए आय का नया स्रोत और पर्यावरण का साथी भारत में समुद्री शैवाल की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। समुद्री तटीय क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के लिए यह एक नई दिशा और आय का स्थायी स्रोत प्रदान कर रही है। इस खेती के जरिए न केवल … Read more

भारत को हल्दी का ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य

 भारत का लक्ष्य 2030 तक हल्दी निर्यात को 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाना। नई दिल्ली, राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के शुभारंभ के बाद, ICRIER और Amway इंडिया ने ‘मेकिंग इंडिया द ग्लोबल हब फॉर टरमरिक” शीर्षक से अपनी संयुक्त रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में हल्दी किसानों की चुनौतियों और वैश्विक बाजार में भारत की … Read more

SYMSAC-XI 2025: कोझिकोड में मसालों के स्मार्ट उपज और विविधीकरण की पहल

मसाले और सुगंधित फसलों पर हुआ विचार-विमर्श कोझिकोड भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), कोझिकोड में  राष्ट्रीय संगोष्ठी SYMSAC-XI का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय “स्मार्ट उत्पादन, उत्पाद विविधीकरण और उपयोग के लिए रणनीतियां” था। भारतीय मसाला सोसाइटी (ISS) द्वारा ICAR, स्पाइसेस बोर्ड, DASD, और ICAR-NRCSS के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों और … Read more

उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025: पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए कदम

  पुणे: पशुधन क्षेत्र को सशक्त और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025 का आयोजन पुणे के जी.डी. मदुलकर नाट्य गृह में किया गया। इस वर्ष का विषय था, “उद्यमियों को सशक्त बनाना, पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना”। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री  … Read more

अजोला की खेती: बेहतर भविष्य की संभावना

भारत में अजोला की खेती की आवश्यकता अजोला एक प्रकार की तैरने वाली जलीय फर्न है, जिसे भारत में पशु चारे और जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह अत्यधिक पोषक तत्वों से भरपूर है और किसानों के लिए कम लागत में अधिक फायदा प्रदान करने वाली खेती के रूप में उभर … Read more

मध्यप्रदेश: बड़वानी में ₹2,491 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ

”हर खेत को पानी और हर हाथ को मिलेगा काम” बड़वानी,  मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बड़वानी जिले के सेंधवा कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ₹ 2,491 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य निमाड़ … Read more

महामारी की तैयारी और पशुधन वैक्सीन नवाचार

हैदराबाद में महामारी की तैयारी और वैक्सीन नवाचार पर सम्मेलन  हैदराबाद – मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग ने इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से “महामारी की तैयारी और वैक्सीन नवाचार पर सम्मेलन” आयोजित किया। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य प्रो. डॉ. विनोद के … Read more

मौसम के लिहाज से करें मशरुम की खेती

मशरूम और मौसम का रिश्ता है निराला मौसम के अनुसार मशरुम की प्रजातियां का चयन कर खेती की जाएं तो बेहतर मुनाफा संभव है। भारत में मशरूम की खेती के लिए भौगोलिक विविधता और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सही प्रजाति का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हर मशरूम प्रजाति के लिए विशिष्ट तापमान, नमी, … Read more