भारत वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश

मत्स्य पालन क्षेत्र में नई ऊंचाइयां: 2025-26 के केंद्रीय बजट में ऐतिहासिक आवंटन नई दिल्ली: भारत, जो वैश्विक मछली उत्पादन में लगभग 8 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, ने पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 2004 से 2024 की अवधि में तकनीकी नवाचारों और नीतिगत … Read more

औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

शतावरी – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष मंत्रालय का विशेष अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने और विकसित भारत के पंच प्राण लक्ष्य को प्राप्त करने में शतावरी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी:  प्रतापराव जाधव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से  … Read more

जलवायु अनुकूल फसलों की 2661 किस्में हुई विकसित

जलवायु के हिसाब से फसलों की नई किस्में पिछले दस साल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़ी संस्थाओं ने 2014-2024 के दौरान विभिन्न फसलों की 2900 किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 2661 किस्में जलवायु के लिहाज़ से मज़बूत हैं। इस अवधि के दौरान, केरल राज्य के लिए 63 क्षेत्रीय फसल किस्मों का विकास किया गया है, जिनमें अनाज की 23, तिलहन की 2, दालों के 10, चारा फसलों की 15 और … Read more

मौसम के लिहाज से करें मशरुम की खेती

मशरूम और मौसम का रिश्ता है निराला मौसम के अनुसार मशरुम की प्रजातियां का चयन कर खेती की जाएं तो बेहतर मुनाफा संभव है। भारत में मशरूम की खेती के लिए भौगोलिक विविधता और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सही प्रजाति का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हर मशरूम प्रजाति के लिए विशिष्ट तापमान, नमी, … Read more

मशरुम की बढ़ती मांग ने बदली कई किसानों की जिंदगी

  अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मशरूम की तेजी से बढ़ती मांग    मशरूम की उपज भारत में एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है, जो कृषि आधारित उद्यमिता के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प देता है। बदलती जीवनशैली, पोषण के प्रति जागरूकता और शाकाहारी विकल्पों की बढ़ती मांग के चलते मशरूम की खपत में निरंतर वृद्धि हो … Read more

ग्रेन्सवर्ल्ड कॉन्फ्रेंस: वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर “फूड फॉर थॉट”

ग्रेन्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस 2024: वैश्विक अनाज क्षेत्र में सहयोग और सशक्तिकरण ज़ोर ग्रेन्सवर्ल्ड कॉन्फ्रेंस 2024 का शुभारंभ नई दिल्ली में एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जहां सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर वैश्विक अनाज क्षेत्र में सहयोग और उम्मीद का प्रतीक प्रस्तुत किया। इस प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में विभिन्न देशों और … Read more

रुठे मौसम को समझने के लिए राष्ट्रीय मानसून मिशन

मौसम पूर्वानुमान खेती के लिए वरदान मौसम और खेती का रिश्ता अनूठा है। मौसम रुठ जाएं तो खेती किसी काम की नहीं रह जाती। राष्ट्रीय मानसून मिशन का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही तरह के शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संगठनों के बीच कार्यकारी साझेदारी बनाना है। साथ ही देश भर में  मानसून पूर्वानुमान … Read more

गन्ना विभाग ने ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान में लिया हिस्सा

लखनऊ में गन्ना किसान संस्थान के प्रांगण में ‘प्रकृति परीक्षण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। “गन्ना विभाग ने ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान के तहत … Read more

बीज खरीद में बरतें खास सावधानी

खेती किसानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है बीजों की खरीद। इसकी पहचान आवश्यक है। बीज की क्वालिटी का सीधा असर पैदावार पर पड़ता है। भारत सरकार ने बीज के सुदृढ व्यवसाय (उत्पादक/विक्रेता) तथा उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिये बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 जारी किया है, जिसकी … Read more

हाईड्रोपोनिक खेती के फायदे और नुकसान

आजकल कम पानी में खेती करने पर जोर दिया जा रहा है।हाईड्रोपोनिक खेती पोषक तत्वों से भरपूर पानी के घोल में मिट्टी के बिना पौधों को उगाने की एक विधि है। ये दुनिया भर में लोकप्रियता में बढ़ रहा है, खासकर शहरी क्षेत्रों और उन क्षेत्रों में जहां अत्यधिक मौसम का सामना करना पड़ता है। … Read more