अलीगढ़ में एफपीओ मॉडल से बदल रही खेती की तस्वीर, 500 एकड़ में डीएसआर तकनीक से धान की पैदावार!
अलीगढ़। कृषि निदेशालय, लखनऊ से नामित नोडल अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने जनपद अलीगढ़ में ब्रज किशोर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) का निरीक्षण कर किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों, मूल्य संवर्धन गतिविधियों और मिलेट्स प्रसंस्करण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान एफपीओ के संचालक संतोष कुमार सिंह सहित संगठन से जुड़े किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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अलीगढ़ का एफपीओ बना आधुनिक खेती और मूल्य संवर्धन का मॉडल
निरीक्षण के दौरान एफपीओ द्वारा संचालित कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन गतिविधियों का अवलोकन किया गया। एफपीओ के संचालक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि संगठन से जुड़े किसानों ने लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में धान की डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक को अपनाया है। यह तकनीक कम पानी, कम लागत और बेहतर उत्पादकता के लिए जानी जाती है तथा जल संरक्षण के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि एफपीओ से जुड़े किसान बासमती धान के उत्पादन के साथ-साथ उसके निर्यात क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
बासमती धान की गुणवत्ता और बाजार विस्तार पर चर्चा
भ्रमण के दौरान कृषि विशेषज्ञ डॉ. नेत्र पाल सिंह ने किसानों के साथ संवाद करते हुए बासमती धान की उन्नत खेती, गुणवत्ता मानकों, निर्यात योग्य उत्पादन तथा बेहतर विपणन रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
मिलेट्स प्रसंस्करण को मिल रहा बढ़ावा
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि एफपीओ द्वारा मोटे अनाज (मिलेट्स) के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत एफपीओ को अनुदान आधारित मिलेट्स मोबाइल यूनिट स्वीकृत की गई है।
इस परियोजना के तहत विभाग द्वारा 10 लाख रुपये का अनुदान निर्धारित है, जिसकी प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है। एफपीओ द्वारा मोबाइल वैन का क्रय कर लिया गया है तथा उसे आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने की प्रक्रिया जारी है। एफपीओ प्रबंधन के अनुसार मिलेट्स से तैयार उत्पादों एवं उप-उत्पादों का विपणन अलीगढ़, नोएडा और आसपास के प्रमुख शहरी बाजारों में किया जाएगा।
मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए ढैंचा की खेती पर जोर
भ्रमण के दौरान ग्राम में हरी खाद के रूप में बोई गई ढैंचा फसल का भी निरीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी ने किसानों को निर्देशित किया कि मृदा उर्वरता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए ढैंचा की समयबद्ध पलटाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हरी खाद का उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निरीक्षण कार्यक्रम में श्रवण कुमार, सतीश मालिक, अरुण कुमार सहित कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिक एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कृषि विभाग का मानना है कि एफपीओ आधारित कृषि मॉडल, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, मूल्य संवर्धन और बाजार से सीधी भागीदारी के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया
