उत्तर प्रदेश में ग्रामवार गन्ना सर्वेक्षण एवं सट्टा प्रदर्शन अभियान शुरू, 41,818 गांवों में पहुंचेगी 4,294 टीमें
लखनऊ, 21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत ग्रामवार गन्ना सर्वेक्षण एवं सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। मुख्यमंत्री की पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान हितैषी नीति के अनुरूप 20 जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान 30 अगस्त 2026 तक प्रदेश के 45 गन्ना उत्पादक जिलों में संचालित किया जाएगा।
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गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश के 41,818 गन्ना ग्रामों में सर्वेक्षण और सट्टा प्रदर्शन के लिए 4,294 विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस अभियान के माध्यम से किसानों को उनके गन्ना क्षेत्रफल, प्रजाति, बैंक खाते, मोबाइल नंबर, आधार विवरण और अन्य अभिलेखों का सत्यापन एवं संशोधन कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राजस्व अभिलेखों से होगा भूमि रिकॉर्ड का मिलान
कार्यक्रम के दौरान किसानों के नाम दर्ज कृषि योग्य भूमि का मिलान राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से किया जाएगा, जिससे गन्ना सर्वेक्षण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। इससे फर्जीवाड़े और रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियों को कम करने में मदद मिलेगी।
किसानों को मिलेगी 63 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी
ग्राम स्तरीय सट्टा प्रदर्शन के दौरान किसानों को उनके गन्ना सर्वे एवं सट्टा से जुड़े 63 प्रमुख बिंदुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें सदस्यता विवरण, गन्ना क्षेत्रफल, प्रजातिवार जानकारी, बैंक खाता, आधार लिंकिंग, सर्वेक्षण विवरण, सट्टा निर्धारण तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल हैं।
किसानों को अपने रिकॉर्ड की जांच करने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तत्काल आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी।
30 सितंबर तक समिति सदस्यता के लिए आवेदन
गन्ना विभाग ने बताया कि प्रदेश के गन्ना किसान 30 सितंबर 2026 तक अपनी संबंधित गन्ना समिति में आवश्यक दस्तावेजों के साथ सदस्यता के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे नए किसानों को समिति सदस्य बनकर गन्ना आपूर्ति के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और विभागीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
ऑनलाइन और मौके पर होगा शिकायतों का समाधान
यदि किसी किसान के अभिलेखों में त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो उसका निस्तारण प्रतिदिन ऑनलाइन और मौके पर ही किया जाएगा। इससे किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
गन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए जिला, परिक्षेत्र और राज्य स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित की गई है। किसान सर्वेक्षण एवं सट्टा संबंधी समस्याएं टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर दर्ज करा सकते हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी
ग्राम स्तरीय सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान गन्ना समितियां किसानों को केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) की जानकारी भी देंगी।
विभाग का मानना है कि इन योजनाओं के प्रचार-प्रसार और नामांकन अभियान से प्रदेश के लाखों गन्ना किसान परिवारों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और वृद्धावस्था पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
पारदर्शी गन्ना प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
गन्ना एवं चीनी विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांव में आयोजित सर्वेक्षण एवं सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लें और अपने सभी रिकॉर्ड का सत्यापन कर लें। इससे पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति, भुगतान और सट्टा निर्धारण से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन, राजस्व रिकॉर्ड मिलान और त्वरित शिकायत निवारण जैसी व्यवस्थाएं प्रदेश में गन्ना प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और किसान-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

