वन हेल्थ और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में CSIR-IITR और ICAR-IVRI के बीच समझौता
लखनऊ/बरेली, 16 सितंबर 2026। वन हेल्थ, पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में CSIR–इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (CSIR-IITR), लखनऊ और ICAR–इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (ICAR-IVRI), इज्जतनगर, बरेली ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।
समझौते का आदान-प्रदान CSIR-IITR के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण और ICAR के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) एवं ICAR-IVRI के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्टा ने किया। इस अवसर पर ICMR के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. देबब्रत कानुंगो और CSIR-NIIST, तिरुवनंतपुरम के पूर्व निदेशक डॉ. जावेद इकबाल सहित CSIR-IITR की निवर्तमान और वर्तमान RC चेयरपर्सन भी मौजूद रहीं।
संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर
MoU के तहत दोनों संस्थान आपसी रुचि के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास (R&D), वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक शोध को बढ़ावा देंगे। इसका उद्देश्य विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में उपलब्ध विशेषज्ञता और संसाधनों को साझा करते हुए नए अनुसंधान अवसर विकसित करना है।
इसके साथ ही वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे युवा शोधकर्ताओं को अंतर-संस्थागत शोध का अनुभव और विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ काम करने के अवसर मिल सकेंगे।
टॉक्सिकोलॉजी और पशु विज्ञान के बीच बनेगा शोध का सेतु
यह साझेदारी टॉक्सिकोलॉजी (विष विज्ञान), पशु चिकित्सा विज्ञान और इससे जुड़े अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता के मेल से पशु स्वास्थ्य, विषैले पदार्थों के प्रभाव, रोगों और संबंधित वैज्ञानिक चुनौतियों पर बहुविषयक शोध को बढ़ावा मिल सकता है।
वन हेल्थ दृष्टिकोण को मिलेगी मजबूती
इस सहयोग का एक प्रमुख पहलू One Health (वन हेल्थ) दृष्टिकोण है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना जाता है। टॉक्सिकोलॉजी और पशु विज्ञान के बीच संयुक्त अनुसंधान से ऐसे विषयों पर वैज्ञानिक समझ विकसित करने में मदद मिल सकती है, जिनका प्रभाव एक साथ पशु, मानव और पर्यावरण पर पड़ता है।
दोनों संस्थानों के बीच यह समझौता अंतर-संस्थागत अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत में वन हेल्थ आधारित अनुसंधान के लिए सहयोग का एक मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
चित्र: सौजन्य ICAR

























