बिचौलियों पर लगाम, NAFED करेगा किसानों से सीधी खरीद!

NAFED के मुनाफे का हिस्सा अब किसानों के बच्चों की शिक्षा पर होगा खर्च, दलहन खरीद में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की तैयारी

नई दिल्ली, 23 जून 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) के अत्याधुनिक ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी तथा NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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अमित शाह ने कहा कि NAFEX.in के माध्यम से कृषि उपज की बिक्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और किसानों के अनुकूल बनेगी। इससे किसानों को अपनी उपज का भुगतान सीधे बैंक खाते में मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

NAFED की चार नई पहलें शुरू

कार्यक्रम में NAFED द्वारा चार प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया गया—

• NAFEX.in ई-ऑक्शन पोर्टल, दृष्टि (Drishti),  ERP प्रणाली, NAFED कल्याण योजना

इन पहलों का उद्देश्य डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाना, किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और सहकारी विपणन व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।

बंद होने की कगार से 500 करोड़ रुपये के मुनाफे तक पहुंचा NAFED

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में NAFED गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था और उसके अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए थे। लेकिन केंद्र सरकार के सहयोग और पारदर्शी प्रबंधन के कारण आज NAFED देश के 74 लाख से अधिक किसानों को सेवाएं दे रहा है।

उन्होंने बताया कि—NAFED का वार्षिक कारोबार बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। संगठन का शुद्ध लाभ 405 करोड़ रुपये हो गया है।नेटवर्थ 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ रुपये हो चुकी है।

अगले दो वर्षों में कारोबार 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की संभावना है।

दलहन खरीद में आएगा बड़ा बदलाव

सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए NAFED और NCCF को सीधे किसानों से खरीद बढ़ानी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में देश का प्रत्येक दलहन उत्पादक किसान अपनी उपज सीधे इन संस्थाओं को बेच सके।

उन्होंने कहा कि यदि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा तो दलहन की खेती का रकबा स्वतः बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जिसमें किसान की उपज खरीदने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खाते में पहुंच जाए।

यह व्यवस्था किसानों की नकदी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कृषि विपणन में पारदर्शिता भी बढ़ाएगी।

कृषि से आगे बढ़कर कई क्षेत्रों में सक्रिय हुआ NAFED

पिछले कुछ वर्षों में NAFED ने केवल खरीद एजेंसी की भूमिका तक खुद को सीमित नहीं रखा है। संगठन अब—

जैविक खेती, बीज उत्पादन, जैव उर्वरक निर्माण, खाद्य सुरक्षा, खुदरा व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार, जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक NAFED की नई छात्रवृत्ति योजना रही। अमित शाह ने बताया कि NAFED अपने वार्षिक मुनाफे का 1 प्रतिशत हिस्सा किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए खर्च करेगा।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और किसान परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत में अमित शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया तथा ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक प्रधान’ के विचार को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया।

क्या है NAFEX.in?

NAFEX.in एक डिजिटल ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री ऑनलाइन होगी। इससे:

मूल्य खोज (Price Discovery) अधिक पारदर्शी होगी।

किसानों को बेहतर प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सकेंगे।

खरीद प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।

भुगतान प्रणाली तेज और सुरक्षित बनेगी।

कृषि विपणन में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा मिलेगा।

सारांश

NAFED द्वारा शुरू किया गया NAFEX.in पोर्टल केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि कृषि विपणन व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। यदि सरकार की योजना के अनुसार दलहन की सीधी खरीद और त्वरित भुगतान व्यवस्था सफल होती है, तो इससे करोड़ों किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलने के साथ उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।