ओडिशा:MSP पर 1,428 करोड़ की खरीद को केंद्र की मंजूरी

पांच प्रमुख फसलों की खरीद पर सहमति, पारदर्शिता और सीधे किसानों से उपार्जन पर सख्त निर्देश !!

नई दिल्ली, 22 अप्रैलओडिशा के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 1,428.31 करोड़ रुपये से अधिक की कृषि उपज खरीद को मंजूरी दी है। कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव के बीच राज्य की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

राज्य की मांगों पर त्वरित निर्णय !!

बैठक में ओडिशा सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों, उत्पादन अनुमानों और खरीद की जरूरतों की गहन समीक्षा की गई। केंद्र ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पांच प्रमुख फसलों—मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों—की खरीद को स्वीकृति दी। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता बना हुआ है।

फसलों के अनुसार स्वीकृत खरीद का ब्यौरा !!

केंद्र द्वारा दी गई स्वीकृति के अनुसार:

मूंग: 34,492 मीट्रिक टन (302.42 करोड़ रुपये)
उड़द: 1,19,387 मीट्रिक टन (931.21 करोड़ रुपये)
मूंगफली: 20,219 मीट्रिक टन (146.85 करोड़ रुपये)
सूरजमुखी: 2,210 मीट्रिक टन (17.06 करोड़ रुपये)
सरसों: 4,964 मीट्रिक टन (30.77 करोड़ रुपये)

इन सभी फसलों की खरीद MSP पर की जाएगी, जिससे किसानों को बाजार में गिरते दामों से राहत मिलेगी और उन्हें उनकी उपज का सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा।   

पारदर्शी व्यवस्था और सीधे किसानों से खरीद पर जोर !!

बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और उपज सीधे किसानों से ही खरीदी जाए। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि MSP का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त करना जरूरी है। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद व्यवस्था ऐसी बनाई जाए जिसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या हेराफेरी की गुंजाइश न रहे।

PM-AASHA योजना के तहत होगा उपार्जन !!

यह पूरी प्रक्रिया PM-AASHA Scheme के तहत 90 दिनों की अवधि में संचालित की जाएगी। ओडिशा सरकार पहले से ही PoS (पॉइंट ऑफ सेल) आधारित खरीद प्रणाली लागू कर रही है, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

सूरजमुखी की खेती को मिलेगा बढ़ावा !!

बैठक में सूरजमुखी की खेती को लेकर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में यह फसल धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन ओडिशा में इसका विस्तार होना सकारात्मक संकेत है।

केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि सूरजमुखी के रकबे और उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग दिया जाएगा, जिससे किसानों को नई संभावनाएं मिल सकें।

निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश !!

केंद्र ने यह भी रेखांकित किया कि खरीद प्रक्रिया की सतत निगरानी बेहद जरूरी है। इसके लिए राज्य को एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर बिचौलियों या व्यापारियों को अनुचित लाभ न मिल सके।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम !!

यह निर्णय न केवल ओडिशा के किसानों को तत्काल आर्थिक राहत देगा, बल्कि उनकी आय को स्थिर और सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगा। MSP पर खरीद से किसानों का भरोसा बढ़ेगा और वे भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे। कुल मिलाकर, केंद्र और राज्य के बीच समन्वय से लिया गया यह फैसला ओडिशा के कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों की स्थिति सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।