पशुपालन में टेक्नोलॉजी की एंट्री, गांव तक पहुंचेगी डिजिटल सेवा!

पशुधन क्षेत्र सुधार 2026: AI, टीकाकरण और भारत पशुधन पोर्टल पर केंद्र-राज्य मंथन

नई दिल्ली, 17 अप्रैल ..देश में पशुधन क्षेत्र को आधुनिक, उत्पादक और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने शुक्रवार को कृषि भवन में उच्चस्तरीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक/कार्यशाला आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने की, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर पशुधन सुधारों की गति तेज करने का संकल्प दोहराया।

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🐄 पशुधन सुधारों पर फोकस

बैठक का केंद्र बिंदु रहा—पशुधन क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI), कृत्रिम गर्भाधान (AI), टीकाकरण और भारत पशुधन पोर्टल (NDLM) का प्रभावी क्रियान्वयन। सचिव गंगवार ने स्पष्ट किया कि सरकार अब प्रोत्साहन आधारित निवेश मॉडल पर जोर दे रही है, जिससे राज्यों को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वित्तीय सहायता मिल सके।

उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाएं, वित्त विभागों के साथ तालमेल बढ़ाएं और समय पर फंड का उपयोग सुनिश्चित करें।

💉 टीकाकरण और AI के लिए सख्त SOP

कार्यशाला में टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर सचिव वर्षा जोशी ने प्रस्तुति देते हुए कहा कि एक समान SOP से देशभर में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी और रोग नियंत्रण में तेजी आएगी।

📊 डिजिटल क्रांति: भारत पशुधन पोर्टल

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) के तहत भारत पशुधन पोर्टल को गेम-चेंजर के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें रियल-टाइम डेटा अपलोड, टीकाकरण और AI रिकॉर्डिंग, और राज्यों के बीच डेटा एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया।

सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाएं पहुंचे और पशुपालकों को पारदर्शी व तेज सेवाएं मिलें।

🧬 आनुवंशिक सुधार और नई पहल

बैठक में यह भी सामने आया कि:

  • AI सेवाओं को गैर-मवेशी प्रजातियों तक विस्तार दिया जाएगा
  • भेड़ों में IVF तकनीक को बढ़ावा मिलेगा
  • हर ग्राम पंचायत में “मैत्री कार्यकर्ता” तैनात करने की योजना है

ये कदम पशुधन की नस्ल सुधार और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे।

📈 योजनाओं की समीक्षा और निर्देश

बैठक में कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई:

  • NLM-EDP के तहत दूसरी किस्त के प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश
  • LHDCP के अंतर्गत NADCP, MVU और ASCAD योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर
  • पशुधन बीमा, चारा विकास, बर्ड फ्लू (इन्फ्लूएंजा) तैयारी और FMD-मुक्त जोन पर विशेष ध्यान

साथ ही जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक लैब को मजबूत करने की जरूरत भी रेखांकित की गई।

🤝 केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर

बैठक के अंत में संवादात्मक सत्र में राज्यों ने अपनी चुनौतियां साझा कीं, जिनका समाधान डीएएचडी अधिकारियों ने दिया। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर यह भरोसा दिलाया कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और सेवा वितरण को बेहतर बनाया जाएगा।

✍️ सारांश

यह बैठक साफ संकेत देती है कि सरकार अब पशुपालन क्षेत्र को केवल सहायक गतिविधि नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ के रूप में विकसित करना चाहती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वैज्ञानिक तकनीक और नीति आधारित निवेश के जरिए भारत का पशुधन क्षेत्र आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।