रीवा सुंदरजा आम का विदेश में, UAE पहुंची पहली खेप!

रीवा का ‘सुंदरजा’ आम अब ग्लोबल बाजार में, UAE को पहली बार हुआ वाणिज्यिक निर्यात!

नई दिल्ली/रीवा। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध और भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से रीवा सुंदरजा आमों की पहली वाणिज्यिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजी गई है। इसे भारत के जीआई-टैग वाले कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

कई महीनों की तैयारी के बाद मिला अंतरराष्ट्रीय खरीदार

एपीडा ने पिछले कई महीनों से मध्य प्रदेश के बागवानी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), पैक हाउस संचालकों और विदेशी खरीदारों के साथ समन्वय स्थापित कर इस विशेष आम के निर्यात की संभावनाओं पर काम किया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप UAE में खरीदार की पहचान हुई और रीवा सुंदरजा आम के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का रास्ता खुला।

एक टन आमों की पहली खेप ने रचा इतिहास

26 जून 2026 को मेसर्स साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एक मीट्रिक टन रीवा सुंदरजा आम UAE निर्यात किया गया। यह पहली वाणिज्यिक खेप न केवल इस विशिष्ट आम की वैश्विक यात्रा की शुरुआत है, बल्कि भविष्य में नियमित निर्यात के लिए मजबूत आधार भी तैयार करती है।

किसानों को मिला बेहतर मूल्य

निर्यात की गई खेप के आम रीवा जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र से ओन्धा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और प्रगतिशील किसान सोनू गुप्ता से खरीदे गए थे। विशेष बात यह है कि जहां स्थानीय बाजार में सुंदरजा आम का मूल्य लगभग 100-110 रुपये प्रति किलोग्राम था, वहीं निर्यात के लिए किसानों को 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक का भाव मिला।

इस प्रकार किसानों को प्रति किलो 40 से 50 रुपये अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ, जो निर्यात आधारित कृषि मूल्य श्रृंखला के आर्थिक फायदे को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र के अन्य किसान भी गुणवत्ता उत्पादन और निर्यात मानकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

भदोही में हुई पैकिंग, वाराणसी से उड़ान

आमों की कटाई और चयन गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित एपीडा-सुविधा प्राप्त पैक हाउस में उनकी ग्रेडिंग, छंटाई और निर्यात-योग्य पैकेजिंग की गई। पौध स्वच्छता (फाइटोसैनिटरी) मानकों को पूरा करने के बाद खेप को वाराणसी हवाई अड्डे से हवाई मार्ग द्वारा UAE भेजा गया।

क्यों खास है रीवा सुंदरजा आम?

रीवा सुंदरजा आम अपनी असाधारण मिठास, गहरी सुगंध, रेशारहित गूदे और विशिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। यही विशेषताएं इसे अन्य आम किस्मों से अलग पहचान देती हैं। GI टैग मिलने के बाद इसकी ब्रांड वैल्यू और बढ़ी है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है।

जीआई टैग उत्पादों के लिए नई उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफलता दर्शाती है कि जीआई टैग केवल पहचान का प्रमाण नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है। रीवा सुंदरजा आम का निर्यात अन्य क्षेत्रीय कृषि उत्पादों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

कृषि निर्यात में मध्य प्रदेश की बढ़ती भूमिका

मध्य प्रदेश पहले ही बासमती, मसाले, दालों और बागवानी उत्पादों के निर्यात में अपनी पहचान बना चुका है। अब सुंदरजा आम का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश राज्य को उच्च गुणवत्ता वाले आमों के निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एपीडा की भूमिका

एपीडा देशभर में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यात अवसंरचना, गुणवत्ता प्रमाणन, पैकिंग सुविधाएं, बाजार संपर्क और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन में सहायता प्रदान करता है। रीवा सुंदरजा आम के सफल निर्यात ने यह साबित किया है कि संगठित प्रयासों और उचित बाजार संपर्क के जरिए भारतीय किसानों को वैश्विक अवसरों से जोड़ा जा सकता है।

कृषि विशेषज्ञों की राय

कृषि निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत रखा जाए तो रीवा सुंदरजा आम खाड़ी देशों के अलावा यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। इससे क्षेत्र के किसानों की आय में स्थायी वृद्धि और कृषि निर्यात में विविधता लाने में मदद मिलेगी।