कृषि क्षेत्र को राहत, सरकार ने उर्वरक सब्सिडी 37,216 करोड़ तक बढ़ाई
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों को किफायती और सब्सिडी युक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ सीजन 2025 (1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक) के लिए फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी गई।
इस योजना के तहत 37,216.15 करोड़ रुपये की सब्सिडी को स्वीकृति दी गई है, जिससे किसानों को सस्ते और उचित दरों पर उर्वरक मिल सकें।
क्या है सरकार का फैसला?
1. उर्वरकों पर सब्सिडी जारी
सरकार ने अधिसूचित पीएंडके उर्वरकों सहित एनपीकेएस ग्रेड पर सब्सिडी को जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को उर्वरक किफायती दामों पर मिल सकें।
2. सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) पर माल ढुलाई सब्सिडी बढ़ाई
किसानों की लागत कम करने के लिए सरकार ने सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) पर माल ढुलाई सब्सिडी को खरीफ 2025 तक बढ़ाने का भी फैसला किया है।
3. बजट में 13,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी

खरीफ 2025 के लिए 37,216.15 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई है, जो रबी 2024-25 के मुकाबले करीब 13,000 करोड़ रुपये अधिक है। इससे किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध हो।
किसानों को क्या फायदा होगा?
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उर्वरकों की उपलब्धता होगी सुनिश्चित: इस फैसले से किसानों को सब्सिडी युक्त, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता मिलेगी।
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महंगे उर्वरकों से मिलेगी राहत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और इनपुट सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी की दरें तय की हैं, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
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खाद्य सुरक्षा को मिलेगा बल: उर्वरकों की सुगम आपूर्ति से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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कृषि लागत में होगी कमी: सब्सिडी बढ़ने से किसानों को महंगे उर्वरकों पर अधिक खर्च नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनकी कुल कृषि लागत घटेगी।
सरकार की रणनीति और लक्ष्य
सरकार ने एनबीएस योजना के तहत पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है।
👉 इस योजना के तहत खरीफ 2025 (1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक) के लिए सब्सिडी को स्वीकृत किया गया है।
👉 सरकार की रणनीति यह सुनिश्चित करने की है कि किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक की सुचारू उपलब्धता बनी रहे।
👉 सरकार ने उर्वरक कंपनियों को स्वीकृत और अधिसूचित दरों के अनुसार सब्सिडी प्रदान करने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों को उचित दामों पर उर्वरक मिल सकें।
पृष्ठभूमि: सरकार की किसान हितैषी नीति
👉 एनबीएस योजना के तहत सरकार 2010 से किसानों को पीएंडके उर्वरकों के 28 ग्रेड सब्सिडी दरों पर उपलब्ध करा रही है।
👉 कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और देश की खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जाती है।
👉 सरकार ने उर्वरकों, यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे इनपुट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को ध्यान में रखते हुए खरीफ 2025 के लिए एनबीएस दरों को मंजूरी दी है।
सरकार का संकल्प: किसानों को मिले सस्ती दरों पर उर्वरक
सरकार का उद्देश्य किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर सकें।
सरकार की इस पहल से किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी और देश में कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी।