शामली, मुजफ्फरनगर का गुड़ अब ग्लोबल बाजार में

मुजफ्फरनगर से बांग्लादेश को GI-टैग गुड़ का निर्यात

मुजफ्फरनगर: भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, मुजफ्फरनगर से 30 मीट्रिक टन (एमटी) जीआई-टैग प्राप्त गुड़ की खेप बांग्लादेश के लिए रवाना की गई। यह निर्यात प्रत्यक्ष एफपीओ-नेतृत्व वाले व्यापार विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एपीडा (APEDA) के तत्वावधान में बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (BEDF) ने इस खेप को हरी झंडी दिखाई।

समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी, बीईडीएफ (एपीडा) के संयुक्त निदेशक डॉ. रितेश शर्मा, सहारनपुर मंडल के एएएमओ राहुल यादव और बृजनंदन एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अध्यक्ष संदीप चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

एफपीओ के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा

यह पहल किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश को सीधे गुड़ निर्यात की शुरुआत का प्रतीक है। विधायक प्रसन्न चौधरी ने इस मौके पर मुजफ्फरनगर और शामली के गुड़ की उत्कृष्ट गुणवत्ता और उसकी अंतरराष्ट्रीय मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने एपीडा को इसके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने में राज्य सरकार के समर्थन के महत्व को रेखांकित किया।

एपीडा का योगदान और निर्यात में सफलता

बीईडीएफ के संयुक्त निदेशक डॉ. रितेश शर्मा ने एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव की सोच को साझा करते हुए कहा कि एफपीओ को सशक्त बनाने की जरूरत है, ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके और कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सके।

बृजनंदन एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPC) की स्थापना 2023 में हुई थी और इसमें 545 सदस्य हैं, जिनमें दो महिला निदेशक भी शामिल हैं। यह एफपीओ गुड़, गन्ना उत्पाद, बासमती चावल और दालों के निर्यात में सक्रिय रूप से कार्यरत है।

एफपीओ की तीसरी बड़ी निर्यात सफलता

एपीडा के सहयोग से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एफपीओ की यह तीसरी बड़ी निर्यात सफलता है। इससे पहले 2023 और 2024 में नीर आदर्श ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने लेबनान और ओमान को बासमती चावल का निर्यात किया था। यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र एफपीओ है जिसे राज्य की कृषि निर्यात नीति के तहत 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

कृषि निर्यात संवर्धन पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम

इस अवसर पर बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (एपीडा) ने बासमती चावल और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात संवर्धन को लेकर एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस कार्यक्रम में 220 से अधिक किसानों ने भाग लिया और निर्यात-गुणवत्ता वाले उत्पादन की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।

निर्यात से किसानों को मिलेगा लाभ

यह पहल उत्तर प्रदेश में कृषि निर्यात के नए अवसर पैदा करने, किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और भारत के कृषि क्षेत्र को टिकाऊ एवं लाभदायक भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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