अब 9 फसलें भी आएंगी बीमा और केसीसी के दायरे में
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
लखनऊ: किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने जायद सीजन की नौ प्रमुख फसलों को फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के दायरे में लाने का फैसला किया है। यह निर्णय मंगलवार को कृषि निदेशालय में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की।
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किन फसलों को किया गया शामिल
बैठक में यह तय किया गया कि मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, पपीता, लीची, तरबूज, खरबूज और आंवला को फसल बीमा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड के तहत शामिल किया जाएगा। इस फैसले से किसानों को उनकी फसलों पर होने वाले मौसम संबंधी जोखिम और अन्य अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिलेगी।
कृषि मंत्री ने क्या कहा

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि इन फसलों को बीमा योजना के दायरे में लाने से किसानों को काफी लाभ होगा। यह कदम किसानों की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
बीज और उर्वरकों की आपूर्ति पर जोर
बैठक में कृषि मंत्री ने ढैंचा बीज और जिप्सम की सप्लाई की भी समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को अग्रिम रूप से इसकी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार समय पर संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट पर निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट को जल्द से जल्द व्यय करने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ किसानों को शीघ्र मिल सके।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, सचिव वित्त मिनिस्थी एस, नाबार्ड के प्रबंध निदेशक, कृषि निदेशक और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों के लिए क्या होगा लाभ
- मौसम की मार से बचाव: फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई होगी।
- आर्थिक सहयोग: किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होगा।
- उत्पादन में बढ़ोतरी: फसलों की सुरक्षा बढ़ने से किसानों का उत्साह बढ़ेगा और वे अधिक उत्पादन कर सकेंगे।
सरकार के इस कदम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और जायद सीजन की फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी। यह निर्णय राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।